{"_id":"64228119e79b1981f30f7f35","slug":"i-will-not-be-able-to-do-anything-i-am-very-sorry-every-one-d-pharma-student-commits-suicide-in-lucknow-2023-03-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईएम वेरी सॉरी एवरी वन: मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा...मम्मी-पापा के सपनों को साकार न कर सकूंगा, फंदे से लटका छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएम वेरी सॉरी एवरी वन: मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा...मम्मी-पापा के सपनों को साकार न कर सकूंगा, फंदे से लटका छात्र
Tue, 28 Mar 2023 12:12 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Mar 2023 12:12 PM IST
सार
राजधानी लखनऊ में डीफार्मा के छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने परिवार के लोगों के लिए सुसाइड नोट लिखा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
छात्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में चौंकाने वाली बातें लिखी हैं और अपने परिजनों से माफी मांगी है।
दरअसल, बच्चों पर अच्छा करने का दबाव इस कदर हावी है कि कभी-कभी ये उनकी जान पर भारी पड़ जाता है। कभी ये दबाव परिवार से मिलता है तो कभी बच्चे खुद इसे ले लेते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है मोहनलालगंज से, जहां डीफार्मा प्रथम वर्ष के छात्र आशुतोष श्रीवास्तव (22) ने खुदकुशी कर ली।
सुसाइड नोट में मृतक आशुतोष ने लिखा कि मुझे लगता है कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा, मम्मी पापा के सपनों को साकार नहीं कर पाऊंगा, मुझे माफ करना।
इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक, गोंडा के छपिया चारू निवासी बृजेश श्रीवास्तव निजी कंपनी में काम करते हैं।
डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था आशुतोष
बेटा आशुतोष गौरा गांव में किराये के मकान में रहता था और एक निजी कॉलेज से डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को परीक्षा के बावजूद कॉलेज नहीं गया। आशुतोष ने कॉल रिसीव नहीं की तो शाम को दोस्त कमरे पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, बच्चों पर अच्छा करने का दबाव इस कदर हावी है कि कभी-कभी ये उनकी जान पर भारी पड़ जाता है। कभी ये दबाव परिवार से मिलता है तो कभी बच्चे खुद इसे ले लेते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है मोहनलालगंज से, जहां डीफार्मा प्रथम वर्ष के छात्र आशुतोष श्रीवास्तव (22) ने खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
सुसाइड नोट में मृतक आशुतोष ने लिखा कि मुझे लगता है कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा, मम्मी पापा के सपनों को साकार नहीं कर पाऊंगा, मुझे माफ करना।
इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक, गोंडा के छपिया चारू निवासी बृजेश श्रीवास्तव निजी कंपनी में काम करते हैं।
डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था आशुतोष
बेटा आशुतोष गौरा गांव में किराये के मकान में रहता था और एक निजी कॉलेज से डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को परीक्षा के बावजूद कॉलेज नहीं गया। आशुतोष ने कॉल रिसीव नहीं की तो शाम को दोस्त कमरे पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
Trending Videos
सारी भईया, सॉरी मम्मी-पापा
इंस्पेक्टर के मुताबिक, दरवाजा तोड़ा तो आशुतोष पंखे से दो गमछों के सहारे लटका हुआ था। तखत पर सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा कि आईएम वेरी सॉरी एवरी वन...सारी भईया, सॉरी मम्मी-पापा।
छात्र के पढ़ाई को लेकर तनाव में होने की आशंका
मुझे लगता है कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा, मम्मी-पापा के सपनों को साकार नहीं कर पाऊंगा, मुझे माफ करना, जिनको मैं अच्छा नहीं लगता उनकी भी टेंशन दूर हो जाएगी। इससे लगता कि छात्र पढ़ाई को लेकर तनाव में था।