मोदी-मुलायम पर मुकदमा दर्ज कराना पड़ा महंगा
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नरेंद्र मोदी, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, मुलायम सिंह यादव, अजीत सिंह समेत कई नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दाखिल जनहित याचिका हाईकोर्ट ने हर्जाने के साथ खारिज कर दी है।
कोर्ट की टिप्पणी रही कि यह याचिका सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के इरादे से की गई और मांगों को बेतुका करार दिया। कोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले अलीगढ़ के वकील खुर्शीद उर्ररहमान पर 20 हजार रुपये हर्जाना (कास्ट) भी लगाया है।
याची का कहना था कि राजनीतिक पार्टियां अपने घोषणा पत्रों में बड़े-बड़े वादे करती हैं। चुनाव होने के बाद जब उनको बहुमत नहीं मिलता तो गठबंधन कर लिया जाता है और घोषणा पत्र में किए गए वादे दरकिनार हो जाते हैं। यह जनता के साथ धोखा है।
सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का फंडा
मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि याचिका जनहित के लिए नहीं सस्ती लोकप्रियता हासिल करने से इरादे से दाखिल की गई है।
खुर्शीद ने इसी मांग को लेकर एसीजेएम कक्ष संख्या आठ अलीगढ़ की अदालत में भी प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र में झूठे वादे करने के लिए उपरोक्त नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 के तहत मुकदमा दाखिल करने की मांग की थी।
एसीजेएम ने उसके प्रार्थनापत्र पर थाना सिविल लाइंस से आख्या तलब कर ली थी। मुख्य न्यायाधीश ने इसे न्यायिक अधिकारी द्वारा किया गया गैरजिम्मेदाराना कार्य मानते हुए उन पर भी पचास हजार रुपये हर्जाना लगाया है।