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लोगों को बचाते खुद शहीद हो गया यूपी का लाल
मगहर/संतकबीरनगर/ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2013 01:07 AM IST
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उत्तराखंड के गौरीकुंड में हुए हेलीकाप्टर हादसे में जिले का एक बेटा शहीद हो गया।
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आपदा में फंसे लोगों को बचाते-बचाते अशरफाबाद निवासी एयरफोर्स में फाइटर गनर पद पर तैनात सुधाकर यादव की मौत हो गई।
फोन कॉल से बेटे की मौत का संदेशा मिलते ही घर पर कोहराम मच गया। पिता महानंद और माता दुर्गावती गश खा कर गिर गए। पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया।
कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के अशरफराबाद गांव निवासी महानंद यादव उच्च प्राथमिक विद्यालय भैंसहिया में प्रधानाध्यापक हैं।
उनके दो बेटे सुधाकर यादव (35) और छोटा दिवाकर यादव है।
बड़ा बेटे सुधाकर यादव ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई संत कबीर आचार्य राम बिलास इंटर कॉलेज मगहर से की थी। उसके बाद सेंट एंड्र्यूज कॉलेज गोरखपुर से बीएससी कर रहा था। उसी दौरान सुधाकर का चयन पालीटेक्निक में हो गया।
उसने राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज लखनऊ से पढ़ाई की। वर्ष 1996 में एयरफोर्स में फाइटर गनर के पद पर भर्ती हो गया। कलकत्ता में उसकी तैनाती थी।
उसकी पत्नी मंजू देवी और दो बच्चे ऋषभ (13) और रीकृत (7) कलकत्ता में साथ रहते थे।
दोनों बच्चे एयरफोर्स स्कूल कलकत्ता में ही पढ़ते हैं। आठ दिन पूर्व सुधाकर गांव आया था। चार दिन पहले उसकी ड्यूटी उत्तराखंड में आपदा से पीड़ितों की मदद के लिए लगाई गई थी।
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प्रधानाध्याक महानंद यादव ने बताया कि शाम छह बजे एयरफोर्स स्टेशन गोरखपुर से उनके मोबाइल फोन पर सूचना आई कि सुधाकर की उत्तराखंड के गौरी कुंड में हेलीकाप्टर क्रैश हो जाने से मौत हो गई।
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बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां-बाप सदमे से गश खाकर गिर गए। सुधाकर का छोटा भाई दिवाकर यादव पीएसी का जवान है। घर आए एयरफोर्स कर्मचारी आरएन जायसवाल परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे।
गांव और आसपास के गांवों के तमाम लोग पीड़ित के घर पर पहुंच गए थे। समूचे गांव में मातम का माहौल छा गया था। गांव के लोग यही कह रहे थे कि सुधाकर की बीवी और बच्चे कलकत्ता में हैं।