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बच्चों को किया गौरैया संरक्षण के लिए प्रेरित
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2016 12:17 AM IST
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मीतई प्राथमिक विद्यालय में गौरैया संरक्षण को लेकर विचार व्यक्त करते वन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। गौरैया संरक्षण दिवस के मौके पर वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय चंदपा के परिसर में आयोजित समारोह में विभाग द्वारा गौरैया बॉक्स वितरित किए गए। अध्यक्षता पर्यावरण सुरक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष भवतोष मिश्र ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन दरोगा गुलवीर सिंह ने कहा कि जीव और वन से मिलकर ही जीवन वना है। व्यवस्थित तरीके से जीवन जीने के लिए जीवों व वनों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने जीवों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुनष्यों के गलत क्रिया-कलापों के कारण आज अनेक पक्षियों के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसे देखते हुए गौरैया को बचाने के लिए शासन स्तर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
पर्यावरण विद भवतोष मिश्र ने कहा कि पाश्चात सभ्यता के अंधाधुंध और भारतीय संस्कृति के विमुखता के चलते वनों और जीवों पर आ रहे संकट से मुक्ति के लिए जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने समाजसेवियों से भी गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी नाहर सिंह, ग्राम प्रधान सुखांत शर्मा, पूर्व प्रधान पति विजेंद्र मोहन दीक्षित ने बॉक्स वितरित किए। विद्यालय की ओर से अपर्णा पाराशर, हिता गौड़, शवाना, नीतू, विष्णु कुमार भारद्वाज, मदन पाठक, अंशुल भारद्वाज, नारायन शर्मा, रमाशंकर शर्मा, क्षेत्रपाल शर्मा, दिनेश, रोहत शर्मा, सतीश उपाध्याय, दिनेशचंद दीक्षित, किशोरी लाल, भारत सोनी, रिषी, दिनेश आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन दरोगा गुलवीर सिंह ने कहा कि जीव और वन से मिलकर ही जीवन वना है। व्यवस्थित तरीके से जीवन जीने के लिए जीवों व वनों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने जीवों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुनष्यों के गलत क्रिया-कलापों के कारण आज अनेक पक्षियों के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसे देखते हुए गौरैया को बचाने के लिए शासन स्तर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
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पर्यावरण विद भवतोष मिश्र ने कहा कि पाश्चात सभ्यता के अंधाधुंध और भारतीय संस्कृति के विमुखता के चलते वनों और जीवों पर आ रहे संकट से मुक्ति के लिए जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने समाजसेवियों से भी गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी नाहर सिंह, ग्राम प्रधान सुखांत शर्मा, पूर्व प्रधान पति विजेंद्र मोहन दीक्षित ने बॉक्स वितरित किए। विद्यालय की ओर से अपर्णा पाराशर, हिता गौड़, शवाना, नीतू, विष्णु कुमार भारद्वाज, मदन पाठक, अंशुल भारद्वाज, नारायन शर्मा, रमाशंकर शर्मा, क्षेत्रपाल शर्मा, दिनेश, रोहत शर्मा, सतीश उपाध्याय, दिनेशचंद दीक्षित, किशोरी लाल, भारत सोनी, रिषी, दिनेश आदि मौजूद थे।
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