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वाहनों से हटेंगे अवैध हूटर, बत्ती, चिह्न
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
Updated Fri, 04 Mar 2016 11:37 PM IST
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कार पर हूटर अाैर कार
- फोटो : फाइल फाेटाे
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हाथरस। डीएम ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाबजूद वाहनों पर विभिन्न प्रतीक चिंह, झंडे, हूटर, लाल-नीली बत्ती लगाकर अनाधिकृत रूप से संचालित वाहनों की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी वाहन स्वामियों के विरुद्ध तत्काल चालान काटकर ऐसे चिह्नों को हटवाने की कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी शमीम अहमद खान ने बताया कि वाहनों पर लाल-नीली बत्ती, हूटर, किसी दल के झंडे, साइनबोर्ड, निशान या सिंबल या या ऐसे शब्द जिससे कि किसी कार्यालय या संस्था के चिंह मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमावली में वर्जित हैं। डीएम ने कहा है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाबजूद भी अनेक वाहनों पर प्रतीक चिन्ह, झंडे, हूटर, लाल-नीली बत्ती लगाकर अनाधिकृत रूप से वाहन चलाये जा रहे हैं।
डाक्टरों के वाहनों पर प्लस का निशान, वकीलों के वाहनों पर बैंड, राजनैतिक दलों के कार्यकर्त्ताओं द्वारा अपने वाहनों पर दल के झंडे और उनके पद का नाम, प्रिन्ट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया के वाहनों पर प्रेस, राजकीय कर्मचारियों के वाहन पर (प्रशासन, पुलिस, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, आर्मी आदि) विभाग आदि का नाम अंकित करना कानूनन वर्जित है।
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जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक, हाथरस को जारी पत्र में कहा है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी एवं अन्य पुलिस व ट्रैफिक अधिकारी तत्काल वैधानिक कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से वाहनों पर लगे चिंहों को तत्काल हटवाएं, यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। डीएम ने जिले में उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन पर जोर देते हुए ऐसे वाहनों जिन पर विभाग के नाम या चिंह आदि अंकित हों, के स्वामियों के विरुद्ध तत्काल चालान काटकर उन चिंहों को हटवाने के लिए सभी प्रभारी निरीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी शमीम अहमद खान ने बताया कि वाहनों पर लाल-नीली बत्ती, हूटर, किसी दल के झंडे, साइनबोर्ड, निशान या सिंबल या या ऐसे शब्द जिससे कि किसी कार्यालय या संस्था के चिंह मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमावली में वर्जित हैं। डीएम ने कहा है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाबजूद भी अनेक वाहनों पर प्रतीक चिन्ह, झंडे, हूटर, लाल-नीली बत्ती लगाकर अनाधिकृत रूप से वाहन चलाये जा रहे हैं।
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डाक्टरों के वाहनों पर प्लस का निशान, वकीलों के वाहनों पर बैंड, राजनैतिक दलों के कार्यकर्त्ताओं द्वारा अपने वाहनों पर दल के झंडे और उनके पद का नाम, प्रिन्ट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया के वाहनों पर प्रेस, राजकीय कर्मचारियों के वाहन पर (प्रशासन, पुलिस, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, आर्मी आदि) विभाग आदि का नाम अंकित करना कानूनन वर्जित है।
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जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक, हाथरस को जारी पत्र में कहा है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी एवं अन्य पुलिस व ट्रैफिक अधिकारी तत्काल वैधानिक कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से वाहनों पर लगे चिंहों को तत्काल हटवाएं, यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। डीएम ने जिले में उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन पर जोर देते हुए ऐसे वाहनों जिन पर विभाग के नाम या चिंह आदि अंकित हों, के स्वामियों के विरुद्ध तत्काल चालान काटकर उन चिंहों को हटवाने के लिए सभी प्रभारी निरीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।