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'ऑपरेशन सिंदूर की हो कारगिल जैसी समीक्षा': पूर्व CDS के बयान पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा; क्या है मामला?
Wed, 26 Aug 2026 07:19 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 26 Aug 2026 07:19 PM IST
सार
आपरेशन सिंदूर को लेकर पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के हालिया बयानों पर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि साक्षात्कारों में दिए जा रहे बयानों के जरिए केवल सुर्खियां बटोरी जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि 1999 की कारगिल समीक्षा समिति की तरह आपरेशन सिंदूर की भी एक निष्पक्ष और व्यापक सरकारी जांच कराई जाए और रिपोर्ट संसद में रखी जाए।
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जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पाकिस्तान के खिलाफ भारत की बड़ी सैन्य कार्रवाई 'आपरेशन सिंदूर' को लेकर देश में राजनीति गरमा गई है। पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सेवानिवृत्त जनरल अनिल चौहान के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे सैन्य आपरेशन की कारगिल युद्ध की तर्ज पर एक आधिकारिक और व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए।
जयराम रमेश ने क्या-क्या कहा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि पूर्व सीडीएस लगातार मीडिया और भाषणों में नए-नए खुलासे कर रहे हैं। कभी सिंगापुर में दिए इंटरव्यू में तो कभी दिल्ली के एक कार्यक्रम में आपरेशन से जुड़े अहम तथ्य सामने रखे जा रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि इस तरह टुकड़ों में बयानबाजी करना और सुर्खियां बटोरना किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की समीक्षा का सही तरीका नहीं है।
जयराम रमेश ने आगे कहा कि साल 1999 में कारगिल युद्ध खत्म होने के महज चार दिन बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने के. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। उस समीक्षा समिति की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी गई थी। कांग्रेस का कहना है कि आपरेशन सिंदूर के मामले में भी सरकार को ऐसा ही पारदर्शी कदम उठाना चाहिए।
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यह भी पढ़ें: एक्सप्लेनर: नेपाल में अचानक बाढ़ आने की क्या है वजह, भारतीय कहां फंसे; क्या बिहार तक भी आ सकता है संकट?
पूर्व सीडीएस ने क्या कहा था?
विवाद की मुख्य वजह पूर्व सीडीएस जनरल चौहान का वह बयान है जिसमें उन्होंने किराना हिल्स पर हुए हमले की सच्चाई बताई। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने बताया कि सरगोधा एयरबेस के पास कई लॉइटरिंग म्यूनिशन (भटकने वाले ड्रोन और बम) भेजे गए थे। क्षमता खत्म होने के बाद उनमें से ही कोई एक किराना हिल्स से जा टकराया होगा।
पूर्व सीडीएस ने यह भी खुलासा किया था कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक की थी। पीएम ने साफ निर्देश दिए थे कि पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जाए जो उसने कभी सोचा न हो। उन्होंने यह भी कहा था कि इस कार्रवाई में किसी चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और सबूत सुरक्षित रखे जाने चाहिए।
पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकाने तबाह
इसी के बाद मई 2025 में भारत ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। अब कांग्रेस का कहना है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह के बयानों से भ्रम की स्थिति बनती है, इसलिए सरकार को संसद और देश के सामने आधिकारिक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।
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जयराम रमेश ने क्या-क्या कहा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि पूर्व सीडीएस लगातार मीडिया और भाषणों में नए-नए खुलासे कर रहे हैं। कभी सिंगापुर में दिए इंटरव्यू में तो कभी दिल्ली के एक कार्यक्रम में आपरेशन से जुड़े अहम तथ्य सामने रखे जा रहे हैं। जयराम रमेश ने कहा कि इस तरह टुकड़ों में बयानबाजी करना और सुर्खियां बटोरना किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की समीक्षा का सही तरीका नहीं है।
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जयराम रमेश ने आगे कहा कि साल 1999 में कारगिल युद्ध खत्म होने के महज चार दिन बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने के. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। उस समीक्षा समिति की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी गई थी। कांग्रेस का कहना है कि आपरेशन सिंदूर के मामले में भी सरकार को ऐसा ही पारदर्शी कदम उठाना चाहिए।
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पूर्व सीडीएस ने क्या कहा था?
विवाद की मुख्य वजह पूर्व सीडीएस जनरल चौहान का वह बयान है जिसमें उन्होंने किराना हिल्स पर हुए हमले की सच्चाई बताई। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने बताया कि सरगोधा एयरबेस के पास कई लॉइटरिंग म्यूनिशन (भटकने वाले ड्रोन और बम) भेजे गए थे। क्षमता खत्म होने के बाद उनमें से ही कोई एक किराना हिल्स से जा टकराया होगा।
पूर्व सीडीएस ने यह भी खुलासा किया था कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक की थी। पीएम ने साफ निर्देश दिए थे कि पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया जाए जो उसने कभी सोचा न हो। उन्होंने यह भी कहा था कि इस कार्रवाई में किसी चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और सबूत सुरक्षित रखे जाने चाहिए।
पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकाने तबाह
इसी के बाद मई 2025 में भारत ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। अब कांग्रेस का कहना है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह के बयानों से भ्रम की स्थिति बनती है, इसलिए सरकार को संसद और देश के सामने आधिकारिक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।