फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Yogi may be condidate from Gorakhpur

गोरखपुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं सीएम  

Sun, 16 Apr 2017 12:56 AM IST
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sun, 16 Apr 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
Yogi may be condidate from Gorakhpur
सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा का चुनाव गोरखपुर से ही लड़ सकते हैं। इसके संकेत शनिवार को गोरखपुर और बस्ती मंडल के 16 विधायकों ने दिए हैं। गोरखपुर-महराजगंज रोड पर ज्योति इंटर कॉलेज में आयोजित एक सम्मान समारोह के बाद पूर्वांचल के विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री विधान परिषद में नहीं जाएंगे। वह सांसद की सीट छोड़ेंगे, फिर विधानसभा चुनाव लड़कर जीतेंगे। मुख्यमंत्री का इरादा जनता के बीच से चुनकर विधानसभा पहुंचने का है। संदेश देना है कि मुख्यमंत्री जनता के बीच से आए हैं। इन विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित ने सम्मानित भी किया।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद हैं। 19 सितंबर से पहले उन्हें सांसद का पद छोड़ना, फिर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचना है। पहले मुख्यमंत्री के विधान परिषद में जाने की चर्चा थी लेकिन शनिवार को गोरखपुर पहुंचे पूर्वांचल के ज्यादातर विधायकों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। विधायकों ने कहा कि विधान परिषद की अभी एक सीट खाली है। एक सीट जुलाई तक खाली हो सकती है, फिर कुछ सीटें 14 महीने बाद खाली होंगीं। मुख्यमंत्री योगी सहित मंत्रिमंडल के पांच सदस्य ऐसे हैं, जो विधानसभा या फिर विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं। इन सबको सदस्यता दिलानी है। इस दिशा में पार्टी ने काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी के लिए गोरखपुर में ही विधानसभा की सीट तलाशी जा रही है। जिस विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ेंगे, उस सीट को छोड़ने वाले विधायक को गोरखपुर से सांसद का टिकट दिया जा सकता है। इसी सीट से योगी आदित्यनाथ सांसद हैं। विधायकों ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और इलाहाबाद के फूलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद केशव मौर्य अपने क्षेत्र की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। लखनऊ के मेयर और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के लखनऊ नार्थ से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  स्वतंत्र देव सिंह को बुंदेलखंड से चुनाव लड़ाने की तैयारी है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा को विधान परिषद में भेजा जा सकता है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के लिए ज्यादातर विधायक सीट छोड़ने को तैयार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के ज्यादातर विधायक सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं। इन मंडलों में सात जिले और 41 विधानसभा सीटें हैं। ज्यादातर सीटें भाजपा के पास हैं। गोरखपुर जिले के आठ विधायक भी सीट छोड़ने का प्रस्ताव दे चुके हैं। गोरखपुर की कैंपियरगंज से विधायक फतेह बहादुर सिंह, गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह और पिपराइच से विधायक महेंद्र पाल सिंह ने भी सीट छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री किस सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस पर विधायक या फिर स्थानीय नेता अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। 
 
राज्यसभा जा सकते हैं नीरज वोरा
लखनऊ उत्तर क्षेत्र से भाजपा विधायक नीरज वोरा राज्यसभा जा सकते हैं। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो जाएगी। मनोहर पर्रिकर यूपी से ही राज्यसभा सांसद हैं। ऐसा हुआ तो मेयर और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा विधानसभा का चुनाव लखनऊ उत्तर क्षेत्र से लड़ेंगे। इस पर लगभग सहमति बन चुकी है।

महेंद्र सिंह का कार्यकाल जुलाई तक
ग्रामीण विकास राज्यमंत्री महेंद्र सिंह विधान परिषद के सदस्य हैं। उनका कार्यकाल जुलाई 2017 तक पूरा हो रहा है। इसका मतलब है कि महेंद्र सिंह को भी विधानसभा या फिर विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। यह प्रक्रिया अगस्त 2017 से जनवरी 2018 के बीच पूरी करनी पड़ेगी।  

ये है संवैधानिक संकट
यदि छह महीने के अंदर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री या फिर मंत्री विधानसभा, विधान परिषद के सदस्य नहीं बने तो सबको पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। फिर चुनाव होगा। चुनाव जीतने के बाद दोबारा शपथ ग्रहण कराया जाएगा। इस स्थिति के लिए भाजपा तैयार नहीं है। पार्टी का इरादा सबको चुनाव लड़ाना और जिताकर विधानसभा भेजना है। 

विधानसभा परिषद की एक सीट खाली
विधान परिषद की 100 सीटें हैं। इसमें से 99 सीटें भरी हैं। एक सीट खाली है। एक और सीट जुलाई तक खाली हो सकती है। ऐसे में छह लोगों (ग्रामीण विकास राज्यमंत्री महेंद्र सिंह सहित अन्य) को एक साथ विधान परिषद में भेजना संभव नहीं है।   


ऐसे बनते हैं परिषद के सदस्य
मंत्री परिषद की सिफारिश पर राज्यपाल विधान परिषद के 10 सदस्यों को नामित करते हैं। सभी साहित्य, विज्ञान, कला, समाजसेवा और कोऑपरेटिव (सहकारिता) क्षेत्र से आते हैं। कला का क्षेत्र विस्तृत है। विधान परिषद के 38 सदस्य विधानसभा से चुनकर जाते हैं। हर दूसरे साल एक तिहाई सीट खाली हो जाती है। स्थानीय निकाय से 36 लोग चुनकर विधान परिषद में जाते हैं। आठ सीट शिक्षक एमएलसी और आठ सीट स्नातक एमएलसी की होती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed