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सीएम योगी की अपील, भीड़ तंत्र का हिस्सा नहीं बनें, जनोपयोगी कार्य करें

Fri, 23 Aug 2019 01:39 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: Abhishek Singh Updated Fri, 23 Aug 2019 01:39 AM IST
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Yogi Adityanath says not be part of Mob, Gorakhpur, UP
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : Amar Ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिग्री हासिल कर नौकरी पाना ही जीवन का लक्ष्य नहीं होना चाहिए। भीड़ तंत्र का हिस्सा न बनें, जनोपयोगी कार्य करें। कोई भी उपाधि प्राप्त कर यह न सोचें कि हम परफेक्ट हो गए। उपाधि जीवन में आगे बढ़़ने में मददगार होती है। हमें हमेशा सीखते रहना चाहिए।

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विद्यार्थियों से आह्वान किया कि ऐसी तकनीक लाएं जो सस्ती और टिकाऊ हो। मालवीयंस शुद्ध पेयजल सप्लाई, सस्ते आवास में संभावनाएं तलाशें। कहा कि इस मामले में इंफोसिस के संस्थापक पद्मभूषण एन आर नारायण मूर्ति सबसे उपयुक्त उदाहरण हैं। 
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मुख्यमंत्री गुरुवार को एमएमएमयूटी (मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) में आयोजित दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। योगी ने गोरक्षनगरी में पहली बार आगमन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिनंदन किया। कहा कि, दीक्षांत समारोह गुरुकुल की परंपराओं एवं उपनिषदों की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है। यह हमें सत्य बोलना, धर्म के मार्ग पर चलना एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देता है। 
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छात्रों को उदाहरण सहित समझाया तकनीकी का महत्व 

सीएम ने छात्रों को तकनीक का महत्व उदाहरण सहित समझाया। कहा कि राज्य सरकार ने राशनकार्ड की गड़बड़ी दुरुस्त कराने में इसका इस्तेमाल किया। राशनकार्डों की जांच की करवाई और आधार से जोड़कर ई-पॉश मशीनें लगाई गईं। फर्जी लाभार्थियों को बाहर किया गया। इससे एक हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। आज प्रदेश में दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल दिया जा रहा है। 


जागरूकता से इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण पाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने इंसेफेलाइटिस को लेकर 25 वर्षों तक सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी। सरकार बनने के बाद बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया। जिसकी वजह से इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित किया जा सका। अगस्त महीने में हर वर्ष 150 से 200 मरीजों की मौत होती थी। 2018 में 86 मरीज भर्ती हुए और जिनमें 80 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे।

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