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योगमय हुआ गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 21 Jun 2016 08:48 PM IST
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पुलिस लाइन में योग करतीं महिला रंगरूट।
- फोटो : mahesh kumar
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, गोरखनाथ मंदिर, कॉलेजों और पार्कों सहित विभिन्न स्थानों पर योग शिविर आयोजित किए गए। शिविर में योग करने वालों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी और लोगों में योग के प्रति जुनून देखने को मिला। योग शिक्षकों ने ‘ओम’ की ध्वनि से संपूर्ण वातावरण को योगमय बनाते हुए कपालभांति, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम का अभ्यास कराया। सेहत को लेकर फिक्रमंद लोगों ने योग का अभ्यास कर सेहत को दुरुस्त रखने की सीख ली।
सेमीनार में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर। इसके प्रवर्तक स्वयं आदि योगी भगवान शिव थे। उन्होंने कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे बड़ा दिन होता है। ऐसे में इसे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी गई है। कहा कि योग और जीवन तथा समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव के कारण पूरे विश्व में इसकी स्वीकार्यता बढ़ी है। भारत में अब योग आम जन के माध्यम से घर-घर तक पहुंच चुका है।
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उन्होंने गोरखपुर की धरती पर जन्में योगाचार्य परमहंस का स्मरण किया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय फलक पर योग को प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने कहा कि शून्य की भांति योग भी भारतीयों की विश्व को अमूल्य देन है। आज के भौतिकवादी युग में मानसिक तनाव एवं शारीरिक विकार जीवन का पर्याय बन चुके हैं। ऐसे में योग चिंता, तनाव एवं विभिन्न मानसिक एवं शारीरिक रोगों का निवारण कर जीवन को नया अर्थ प्रदान करता है। विशिष्ट वक्ता हरि नारायण धर दुबे ने योग के मानव शरीर पर प्रभाव को विस्तार से बताया।
एमपी पीजी कॉलेज जंगल धूषण में योग अभ्यास व गोष्ठी हुई। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने कहा कि योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। क्रीड़ा शिक्षक डॉ. मृत्युंजय सिंह ने योग की बारीकियां बताई। पंतजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास की ओर से विंध्यवासिनी पार्क में आयोजित योग शिविर का शुभारंभ मेयर डॉ. सत्या पांडेय और पूर्व एमएलसी डॉ. वाईडी सिंह ने किया। काफी संख्या में यहां लोग योग करने पहुंचे। माधव पब्लिक स्कूल बेनुआटीकर में योग दिवस मनाया गया। प्रबंधक इंद्रजीत ओझा ने कहा कि योग भारत की पुरानी परंपरा है योग का आरंभ ही भारत से हुआ।
इस दौरान बच्चों को प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, अनुलोम विलोम आदि योग की क्रियाएं सिखाई गई। ग्राम प्रधान ईश्वर मणि ओझा, प्रधानाचार्य डॉ. एसके उपाध्याय आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रांत कार्यालय माधव धाम में योग शिविर लगाकर योग का अभ्यास कराया गया। किसान इंटरमीडिएट कॉलेज आभूराम तुर्कवलिया, पं ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी किसान डिग्री कॉलेज आभूराम तुर्कवलिया, विवेकानंद सेवा मिशन जगन्नाथपुर, भवानी प्रसाद पांडेय पीजी कॉलेज चरगांवा, विंग्स पब्लिक स्कूल हुमायूंपुर, सनराइज सेवा संस्थान ट्रस्ट में भी योग का अभ्यास कराया गया और योग के फायदे बताए गए।
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योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर : रेल राज्यमंत्री
गोरखपुर। रेलवे स्टेडियम में पूर्वोत्तर रेलवे कार्मिक विभाग की ओर से मंगलवार को योगाभ्यास शिविर और महाप्रबंधक कार्यालय में सेमिनार आयोजित किया गया। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल व महाप्रबंधक राजीव मिश्र के साथ शिविर का शुभारंभ किया। रेलराज्यमंत्री ने रेलकर्मियों और उनके परिवार वालों के साथ योगाभ्यास किया और नियमित योग करने का संकल्प दिलाया।
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सेमीनार में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर। इसके प्रवर्तक स्वयं आदि योगी भगवान शिव थे। उन्होंने कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे बड़ा दिन होता है। ऐसे में इसे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी गई है। कहा कि योग और जीवन तथा समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव के कारण पूरे विश्व में इसकी स्वीकार्यता बढ़ी है। भारत में अब योग आम जन के माध्यम से घर-घर तक पहुंच चुका है।
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उन्होंने गोरखपुर की धरती पर जन्में योगाचार्य परमहंस का स्मरण किया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय फलक पर योग को प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने कहा कि शून्य की भांति योग भी भारतीयों की विश्व को अमूल्य देन है। आज के भौतिकवादी युग में मानसिक तनाव एवं शारीरिक विकार जीवन का पर्याय बन चुके हैं। ऐसे में योग चिंता, तनाव एवं विभिन्न मानसिक एवं शारीरिक रोगों का निवारण कर जीवन को नया अर्थ प्रदान करता है। विशिष्ट वक्ता हरि नारायण धर दुबे ने योग के मानव शरीर पर प्रभाव को विस्तार से बताया।
शिक्षण संस्थानों में कराया गया योग का अभ्यास
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना और योग अध्ययन केंद्र द्वारा योग शिविर आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि इस भौतिकवादी युग में जीवन में योग की महती आवश्यकता है। थोड़ा सा नियमित आसन और प्राणायाम हमें निरोगी एवं स्वस्थ रख सकता है। योग व्यायाम नहीं योग विज्ञान का चौथा आयाम है। आयोजक डॉ. अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही साथ हमारा सीधा संपर्क परमात्मा से कराता है। योग प्रशिक्षक राजशेखर यादव ने योग साधकों एवं विद्यार्थियों को योग के महत्व को बताते हुए विभिन्न मुद्राओं एवं आसनों का अभ्यास कराया। इस दौरान प्रो. डीएन यादव, प्रो. सीपीएम त्रिपाठी, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. सुशील राय आदि उपस्थित थे।एमपी पीजी कॉलेज जंगल धूषण में योग अभ्यास व गोष्ठी हुई। प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने कहा कि योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। क्रीड़ा शिक्षक डॉ. मृत्युंजय सिंह ने योग की बारीकियां बताई। पंतजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास की ओर से विंध्यवासिनी पार्क में आयोजित योग शिविर का शुभारंभ मेयर डॉ. सत्या पांडेय और पूर्व एमएलसी डॉ. वाईडी सिंह ने किया। काफी संख्या में यहां लोग योग करने पहुंचे। माधव पब्लिक स्कूल बेनुआटीकर में योग दिवस मनाया गया। प्रबंधक इंद्रजीत ओझा ने कहा कि योग भारत की पुरानी परंपरा है योग का आरंभ ही भारत से हुआ।
इस दौरान बच्चों को प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, अनुलोम विलोम आदि योग की क्रियाएं सिखाई गई। ग्राम प्रधान ईश्वर मणि ओझा, प्रधानाचार्य डॉ. एसके उपाध्याय आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रांत कार्यालय माधव धाम में योग शिविर लगाकर योग का अभ्यास कराया गया। किसान इंटरमीडिएट कॉलेज आभूराम तुर्कवलिया, पं ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी किसान डिग्री कॉलेज आभूराम तुर्कवलिया, विवेकानंद सेवा मिशन जगन्नाथपुर, भवानी प्रसाद पांडेय पीजी कॉलेज चरगांवा, विंग्स पब्लिक स्कूल हुमायूंपुर, सनराइज सेवा संस्थान ट्रस्ट में भी योग का अभ्यास कराया गया और योग के फायदे बताए गए।