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अब नहीं चलेगी सरकारी एंबुलेंस चालकों की मनमानी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 21 Jun 2017 07:38 PM IST
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एंबुलेंस
- फोटो : Amar Ujala
सरकारी एंबुलेंस की मनमानी रोकने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों पर अब रजिस्टर रखा जाएगा। इसमें मरीज को लाने, ले जाने के समय के साथ मरीजों को मिलने वाली आईडी नंबर दर्ज करना होगा। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सी एंबुलेंस किस मरीज को कब, कहां से और कितने बजे अस्पताल लेकर आई।
सही समय पर मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और एंबुलेंस चालकों द्वारा मरीजों की सेवा के नाम पर विभाग को गुमराह करने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने फैसला हुआ है। इसमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज समेत सभी सरकारी अस्पतालों में एक रजिस्टर रखा जाएगा। इस रजिस्टर में एंबुलेंस चालकों के सारे दिन की क्रियाकलाप और मुख्यालय से मिलने वाली मरीजों की आईडी भी दर्ज होगी।
इससे कब, किस दिन, कौन सी एंबुलेंस, किस मरीज को कहां से, कितने बजे, कहां लेकर गई आदि सारी जानकारी आसानी से पता चल सकेगी। इस रजिस्टर पर माह के अंत में सीएमओ के भी हस्ताक्षर होंगे। माना जा रहा है कि इस कवायद से एंबुलेंस चालकों की मनमानी को रोका जा सकेगा। सीएमओ डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से एक ही मरीज को दो एंबुलेंस द्वारा सुविधा प्रदान करने जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। मरीजों को सरकारी एंबुलेंस की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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सही समय पर मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और एंबुलेंस चालकों द्वारा मरीजों की सेवा के नाम पर विभाग को गुमराह करने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने फैसला हुआ है। इसमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज समेत सभी सरकारी अस्पतालों में एक रजिस्टर रखा जाएगा। इस रजिस्टर में एंबुलेंस चालकों के सारे दिन की क्रियाकलाप और मुख्यालय से मिलने वाली मरीजों की आईडी भी दर्ज होगी।
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इससे कब, किस दिन, कौन सी एंबुलेंस, किस मरीज को कहां से, कितने बजे, कहां लेकर गई आदि सारी जानकारी आसानी से पता चल सकेगी। इस रजिस्टर पर माह के अंत में सीएमओ के भी हस्ताक्षर होंगे। माना जा रहा है कि इस कवायद से एंबुलेंस चालकों की मनमानी को रोका जा सकेगा। सीएमओ डॉ. रवीन्द्र कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से एक ही मरीज को दो एंबुलेंस द्वारा सुविधा प्रदान करने जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। मरीजों को सरकारी एंबुलेंस की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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