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स्कूली बैग का वजन तय, कक्षा दो तक होमवर्क नहीं, नए सत्र से लागू होगा नियम

Tue, 27 Nov 2018 05:05 AM IST
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर Updated Tue, 27 Nov 2018 05:05 AM IST
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Weight of school bags fixed, Homework will not be given up to class two
प्रतीकात्मक तस्वीर
कक्षा एक से दसवीं तक स्कूली बैग का वजन तय कर दिया गया है। ऐसा पहली बार किया गया है। बैग का अधिकतम वजन पांच किलोग्राम है। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को होमवर्क देने पर मनाही है। अब विद्यार्थी निर्धारित किताब, कॉपी लेकर ही स्कूल जाएंगे। इस सिलसिले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी सर्कुलर जिले के 122 सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) और कौंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के प्रबंधक, प्रिंसिपल के पास पहुंच गया है। नई नियमावली का अनुपालन शैक्षिक सत्र 2019-20 से सुनिश्चित कराया जाएगा। 
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स्कूली बैग और किताबों का वजन कम कराने की मुहिम लंबे समय से चल रही थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) ने भी स्कूली बैग के वजन को खतरनाक बताया था। कहा था कि ज्यादा वजन का असर बच्चों के हड्डियों पर पड़ रहा है।
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आईएपी ने भी किताब-कॉपी का बोझ कम करने की मांग की थी। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कक्षा एक से दसवीं तक के विद्यार्थियों के स्कूली बैग का वजन तय कर दिया है।
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मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन के सचिव ए. हमजा ने 20 नवंबर को जारी आदेश में कहा है कि अतिरिक्त किताब, स्टडी मैटेरियल खरीदने का दबाव किसी विद्यार्थी पर नहीं डाला जाएगा। बैग और उसकी किताबों का जो वजन तय है, उसी हिसाब से पढ़ाई कराई जाएगी। बदला नियम सभी स्टेट बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई के स्कूलों पर लागू होगा। 
 

अतिरिक्त विषय और भाषा की पढ़ाई पर भी रोक

Weight of school bags fixed, Homework will not be given up to class two
प्रतीकात्मक तस्वीर
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त विषय या फिर भाषा की पढ़ाई का दबाव नहीं डाला जाएगा। कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को मैथमेटिक्स के साथ इनवायरमेंटल साइंस (ईवीएस) की पढ़ाई की छूट है। एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की अनुमति  दी गई है।  

ये है मानक
कक्षा            स्कूल वैग का वजन (किलोग्राम में)
1-2              1.5    
3-5              2.3
5-6              4
7-9             4.5
10                5

शहर के 3400 से ज्यादा स्कूल

गोरखपुर में सीबीएसई के 94 स्कूल हैं। सीआईएससीई के 18 विद्यालयों में पढ़ाई कराई जाती है। यूपी सरकार की देखरेख में 2900 से ज्यादा प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं। यूपी बोर्ड से संबद्ध 446 स्कूल हैं। अब यूपी के स्कूलों में भी एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जा रही हैं।

बॉटल, टिफिन का वजन भी कम होगा : शाही
गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का सर्कुलर आ गया है। इसका अनुपालन नए शैक्षिक सत्र 2019-20 से सुनिश्चित कराया जाएगा। किताबों के साथ ही स्कूल बैग, पानी की बॉटल, टिफिन का वजन भी कम कराने की कोशिश होगी। माता-पिता के साथ बैठक कर कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को होमवर्क न देने पर चर्चा होगी। हर हाल में नियमों के हिसाब से पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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