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मानसिक दबाव में हम पदक से चूके : प्रीति

Thu, 01 Sep 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर। Updated Thu, 01 Sep 2016 01:14 AM IST
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 We loss the medel due to mental pressure, say Preity Dubey
नगर निगम मे हांकी खिलाड़ी प्रीती दूबे का ‌सम्मान करतीं मेयर डॉ. सत्या पाण्डेय व अन्य। - फोटो : Rajesh Kumar
ओलंपिक के लिए 36 साल बाद क्वालीफाई करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य प्रीती दूबे का मानना है कि मानसिक दबाव के चलते भारतीय टीम पदक से वंचित रह गई। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों का न होना भी बहुत खला।
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रियो ओलंपिक खेलकर लौटी प्रीति दुबे ने कहा कि 36 साल बाद ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन पदक से भारतीय टीम का वंचित रह जाना भी दुखद है। एक सवाल के जवाब में प्रीति ने बताया कि भारतीय हॉकी खिलाड़ी तकनीक और स्पीड में विदेशी खिलाड़ियों से पीछे नहीं हैं, लेकिन दबाव से निकलने की कला में विदेशी ज्यादा माहिर हैं। विदेशों में बचपन से ही खिलाड़ियों की तकनी, स्पीड बढ़ाने, दबाव से निकलने की कला पर काम शुरू हो जाता है, जबकि अपने देश में यह सब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने के बाद सीखने को मिलता है। यही वजह है कि हम विदेशी टीमों से पीछे रह जाते हैं।
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एक अन्य सवाल के जवाब में प्रीति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हॉकी खिलाड़ियों को कोई सुविधा नहीं मिलती। इसी वजह से उन्हें यूपी छोड़कर भोपाल जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज में सुविधाएं मिलती हैं तो वहां चुने हुए ही खिलाड़ी पहुंचते हैं। आज स्पोर्ट्स कॉलेज में एस्ट्रोटर्फ लग रहा है, जबकि विदेशों में एक जिले में पांच से छह एस्ट्रोटर्फ होते हैं। प्रीति ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉलेज में एस्ट्रोटर्फ लगने से गांव के खिलाड़ी को क्या फायदा होगा। स्कूलों में हॉकी फिर से जीवित करनी होगी। खेल के टीचर रखने होंगे खासकर वो जो खेल में रुचि लेते हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि ओलंपिक में पदक जीतना है तो जमीनी स्तर पर खेल के लिए काम करना होगा।
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साक्षी, पीवी सिंधू की सफलता बदलेंगी सोच 

प्रीति ने बताया कि पहलवान साक्षी और शटलर पीवी सिंधू की ओलंपिक में सफलता देश में लोगों की सोच में बड़ा बदलाव लाएगी। आज भी लड़कियों को खेल में आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन साक्षी और पीवी सिंधू के रियो ओलंपिक में पदक मिलने से अभिभावकों की सोच में बड़ा बदलाव आएगा। 

फ्लैट देने की मांग 

प्रीति को ओलंपिक में भाग लेने पर दस लाख रुपये का पुरस्कार मुख्यमंत्री की तरफ से दिया गया है। पत्रकारों से बातचीत में प्रीति ने कहा कि वह सरकार से फ्लैट देने की मांग करती है। प्रीति का अगला लक्ष्य एशिया कप है जिसकी तैयारी में वह जुट गई हैं। 

मेयर ने ओलंपियन प्रीति दुबे को किया सम्मानित 

मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने बुधवार को रियो ओलंपिक खेलकर लौटी भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य प्रीति दुबे को अपने सभाकक्ष में सम्मानित किया। इस दौरान मेयर ने उन्हें स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट किया। इस अवसर पर पार्षद भी मौजूद रहे। मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा कि प्रीति पर गोरखपुर वालों को गर्व है। उसने उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे पूर्वांचल का नाम विश्व पटल पर ऊंचा किया। मेयर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग की है कि गोरखपुर में खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिम, स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि  ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है। इस अवसर पर पार्षद संजय सिंह, कुद्दुस अली, जितेंद्र सैनी, राजेश जायसवाल, चंद्रभान प्रजापति, अमरनाथ यादव, सुजीत कुमार, ऋषि मोहन वर्मा, श्रवण पटेल आदि मौजूद रहे।
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