फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   waseem barelwi interview in gorakhpur mahotsav

आसान ज़बान हो तो शायरी की उम्र लंबी

Mon, 01 Feb 2016 02:06 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 01 Feb 2016 02:06 AM IST
विज्ञापन
waseem barelwi interview in gorakhpur mahotsav
अदब की दुनिया में वसीम बरेलवी का नाम बेहद अदब से लिया जाता है। वक्त की नब्ज़ पर उनका हाथ और उनके शेरों में बुने हुए जमाने भर के इंसानी मसाइल ऐसी ख़ूबी है, जो उन्हें दूसरों से अलग एक ख़ास पहचान देती है। नई पीढ़ी से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं, लेकिन इस बात की फिक्र भी है कि बदलता समय कहीं शायरी के मयार पर असर न डाले। शायरी की ज़बान और उसके मयार पर उनका नज़रिया:
विज्ञापन


सवाल : आमफहम शायरी और ज़बान का जो रिश्ता है, आज के दौर में उसे कैसे देखते हैं?
जवाब : देखिए, शायरी जितनी सरल भाषा में होगी, उसकी उम्र उतनी ही बढ़ेगी। ऐसी शायरी को लोगों से जोड़ने का संकट नहीं होगा। कबीर कभी यूनिवर्सिटी नहीं गए लेकिन वहां पढ़ाए जाते हैं। कम से कम मेरे लिए ऐसा कोई संकट नहीं।
विज्ञापन


सवाल : उर्दू शायरी जाम-प्याला और साकी से अब काफी दूर आ चुकी है। इंसानी सरोकारों की नुमांइदगी किस हद तक हो पा रही है?
जवाब : शायरों ने इस बदलाव को समझा और महसूस किया है और आज की शायरी जन सरोकार के काफी करीब है। मोहब्बत भी इंसानी जज्बा है। शायरी को अवाम से जोड़ने के लिए यह जरूरी भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सवाल : शायरों की नई पीढ़ी को लेकर आपकी क्या राय है?
जवाब : नई पीढ़ी जहीन और समझदार है, लेकिन यह जरूर कहना चाहूंगा कि उनमें मुकाम पाने को लेकर जल्दबाजी है। दरअसल शायरी एक साधना है। यह आपका समय चाहती है। इसे वक्ती तौर पर कबूल नहीं किया जा सकता।

सवाल : डेढ़-दो दशकों में मुशायरों या कवि सम्मेलनों के मयार में आपने क्या फर्क महसूस किया है?
जवाब : बदले माहौल ने जब समाज का मयार बदल दिया है तो इसके असर से मुशायरे और कवि सम्मेलन भला कैसे दूर रह सकते हैं्? पहले मयार का माहौल घर से तैयार होता था। अब तो वह माहौल ही नहीं रहा साहब, तो मयार पर क्या बात करनी?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed