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चंदे की रकम से भी कर ली ‘वसूली’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:35 AM IST
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यूं तो सरकारी कर्मचारियों पर वसूली के आरोप कोई नई बात नहीं। पर मंगलवार की रात मेडिकल कॉलेज में एक शव को लेकर परेशान तीमारदार के साथ जो हुआ, उसे सुनकर सभी हैरान हैं। नोटबंदी के इस दौर में जैसे-तैसे चंदा जुटाकर इलाज कराने आए शख्स से स्वास्थ्य कर्मचारी ने पुलिस के नाम पर वसूली कर ली। सामने लाश थी, जेहन में मजबूरी, ऐसे में रुपये देने के अलावा दूसरा कोई रास्ता तीमारदार को नहीं सूझा। बुधवार सुबह तीमारदार ने चौकी पर लिखित शिकायत करते हुए पुलिस की छवि धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
मगहर की रहने वाली शकिरा खातून मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आ गई थीं। बकरी चराते समय मगहर स्टेशन पर घायल हुईं शकिरा के इलाज के लिए घरवालों के पास रुपये नहीं थे। पहले स्वास्थ्य केंद्र गए, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। भतीजे साजिद अली के मुताबिक बैंक में कुछ रुपये तो थे, मगर तुरंत निकल नहीं सकते थे। गांव में लोगों से गुजारिश की तो इलाज के नाम पर सबने चंदा जुटाकर चार हजार रुपये दिए। उसे लेकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इलाज शुरू हुआ। मंगलवार देर रात ही इलाज के दौरान शकिरा की मौत हो गई। जो रुपये लाए थे, उसमें से हजार रुपये ही उनके पास बचे थे। बाकी दवा में खर्च हो चुके थे।
आरोप है कि मोर्चरी में शव रखने के लिए वार्ड ब्वॉय ने चार सौ रुपये मांगे। रकम न होने पर मजबूरी बताई तो शव छोड़कर जाने लगे। उन्होंने बताया कि रुपया पुलिस को देने के नाम पर मांगा गया था। उसे देने के बाद ही शव मोर्चरी में रखा गया। बुधवार को साजिद ने पुलिस को लिखित सूचना मांग की कि इससे पुलिस की छवि भी धूमिल हुई है, कार्रवाई की जाए।
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मगहर की रहने वाली शकिरा खातून मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आ गई थीं। बकरी चराते समय मगहर स्टेशन पर घायल हुईं शकिरा के इलाज के लिए घरवालों के पास रुपये नहीं थे। पहले स्वास्थ्य केंद्र गए, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। भतीजे साजिद अली के मुताबिक बैंक में कुछ रुपये तो थे, मगर तुरंत निकल नहीं सकते थे। गांव में लोगों से गुजारिश की तो इलाज के नाम पर सबने चंदा जुटाकर चार हजार रुपये दिए। उसे लेकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इलाज शुरू हुआ। मंगलवार देर रात ही इलाज के दौरान शकिरा की मौत हो गई। जो रुपये लाए थे, उसमें से हजार रुपये ही उनके पास बचे थे। बाकी दवा में खर्च हो चुके थे।
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आरोप है कि मोर्चरी में शव रखने के लिए वार्ड ब्वॉय ने चार सौ रुपये मांगे। रकम न होने पर मजबूरी बताई तो शव छोड़कर जाने लगे। उन्होंने बताया कि रुपया पुलिस को देने के नाम पर मांगा गया था। उसे देने के बाद ही शव मोर्चरी में रखा गया। बुधवार को साजिद ने पुलिस को लिखित सूचना मांग की कि इससे पुलिस की छवि भी धूमिल हुई है, कार्रवाई की जाए।
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