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जुलूस या रैली निकली तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 12 Sep 2016 08:02 PM IST
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गोरखपुर विश्वविद्यालय
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में यदि किसी प्रत्याशी ने जुलूस या रैली निकाली या फिर पोस्टर-बैनर लगाया तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। कुलपति प्रो. अशोक कुमार और चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने सीओ कैंट की मौजूदगी में संवाददाताओं को बताया कि प्रत्याशियों की गतिविधियों को लेकर पूरे शहर में वीडियो रिकार्डिंग कराई जा रही है।
सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि वीडियो रिकार्डिंग में दोषी पाए गए प्रत्याशियों की सूची मंगलवार को चुनाव अधिकारी को सौंप दी जाएगी। कुलपति ने बताया कि किसी भी प्रत्याशी को एक बार जुलूस निकालने की अनुमति होगी, वह भी यूनिवर्सिटी परिसर में। यह जुलूस चुनाव अधिकारी या चीफ प्रॉक्टर की अनुमति के बाद तय समय पर ही निकाला जा सकेगा। इसमें केवल यूनिवर्सिटी के ही विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति जुलूस में पाया गया तो प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जुलूस में शामिल होने वाले हर विद्यार्थी के पास परिचय पत्र या प्रवेश की फीस रसीद होगी।
फीस रसीद वाले विद्यार्थियों को फोटो आईडी भी दिखानी होगी। चुनाव के मद्देनजर यूनिवर्सिटी के पास पीएसी कैंप कर रही है। सीओ ने बताया कि यूनिवर्सिटी मेन गेट, प्राचीन इतिहास गेट और छात्रावास परिसर को संवेदनशील स्थल माना गया है, जहां पुलिस पिकेट लगाई गई है। हॉस्टल परिसर में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की टीम रात 10 बजे से दो बजे तक गश्त करेगी, जिससे वहां आने वाले अराजक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
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कुलपति ने बताया कि मंगलवार से यूनिवर्सिटी परिसर में केवल मुख्य गेट से ही प्रवेश हो सकेगा। बाकी सभी गेट चुनाव तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उन्होेंने बताया कि जीतने के बाद भी यदि कोई पदाधिकारी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसे पदच्युत करने की कार्रवाई होगी।
इनसेट
छात्राएं भी यूनिवर्सिटी परिसर में ही देंगी वोट
गोरखपुर। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार छात्राओं को वोट देने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में ही व्यवस्था की जा रही है। अब तक छात्राओं की वोटिंग महिला हॉस्टल में होती थी। चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि परिसर में छात्रों के लिए 16 और छात्राओं के लिए 14 बूथ बनाए जाएंगे। छात्राओं के वोटिंग बूथ का रास्ता यूनिवर्सिटी गेट से अलग रहेगा। छात्राओं के बूथ पर छात्र नहीं जा सकेंगे। वहां जाने की अनुमति सिर्फ प्रत्याशी या उसके एजेंट को ही होगी।
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सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि वीडियो रिकार्डिंग में दोषी पाए गए प्रत्याशियों की सूची मंगलवार को चुनाव अधिकारी को सौंप दी जाएगी। कुलपति ने बताया कि किसी भी प्रत्याशी को एक बार जुलूस निकालने की अनुमति होगी, वह भी यूनिवर्सिटी परिसर में। यह जुलूस चुनाव अधिकारी या चीफ प्रॉक्टर की अनुमति के बाद तय समय पर ही निकाला जा सकेगा। इसमें केवल यूनिवर्सिटी के ही विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति जुलूस में पाया गया तो प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जुलूस में शामिल होने वाले हर विद्यार्थी के पास परिचय पत्र या प्रवेश की फीस रसीद होगी।
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फीस रसीद वाले विद्यार्थियों को फोटो आईडी भी दिखानी होगी। चुनाव के मद्देनजर यूनिवर्सिटी के पास पीएसी कैंप कर रही है। सीओ ने बताया कि यूनिवर्सिटी मेन गेट, प्राचीन इतिहास गेट और छात्रावास परिसर को संवेदनशील स्थल माना गया है, जहां पुलिस पिकेट लगाई गई है। हॉस्टल परिसर में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की टीम रात 10 बजे से दो बजे तक गश्त करेगी, जिससे वहां आने वाले अराजक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
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कुलपति ने बताया कि मंगलवार से यूनिवर्सिटी परिसर में केवल मुख्य गेट से ही प्रवेश हो सकेगा। बाकी सभी गेट चुनाव तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उन्होेंने बताया कि जीतने के बाद भी यदि कोई पदाधिकारी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसे पदच्युत करने की कार्रवाई होगी।
इनसेट
छात्राएं भी यूनिवर्सिटी परिसर में ही देंगी वोट
गोरखपुर। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार छात्राओं को वोट देने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में ही व्यवस्था की जा रही है। अब तक छात्राओं की वोटिंग महिला हॉस्टल में होती थी। चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि परिसर में छात्रों के लिए 16 और छात्राओं के लिए 14 बूथ बनाए जाएंगे। छात्राओं के वोटिंग बूथ का रास्ता यूनिवर्सिटी गेट से अलग रहेगा। छात्राओं के बूथ पर छात्र नहीं जा सकेंगे। वहां जाने की अनुमति सिर्फ प्रत्याशी या उसके एजेंट को ही होगी।