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कब्जा हटवाने पहुंचे रेल अफसरों से भिड़े ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 10 Dec 2016 01:59 AM IST
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रेलवे अधिकारी का घेराव करते ग्रामीण।
- फोटो : Amar Ujala
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नंदानगर टीबी अस्पताल के पीछे तीस एकड़ जमीन को लेकर शुक्रवार को रेल अफसरों और स्थानीय लोगों में नोकझोंक हो गई। अफसर जमीन को अपना बताते हुए कब्जा हटवाने पहुंचे थे। कब्जेदार मामला कोर्ट में लंबित होने का तर्क देते हुए भिड़ गए। मामला बढ़ने पर क्षेत्रीय पार्षद भी पहुंच गए और मामले में 15 दिन की मोहलत मांगते हुए कब्जा हटाने की बात कही।
जगदीशपुर प्रतिनिधि के मुताबिक कैंट क्षेत्र के नंदानगर में टीबी अस्पताल के पीछे तीस एकड़ का भूखंड है। भूमि पर 1962 से लोगों का कब्जा है मगर जमीन रेलवे की ही बताई जाती है। यहां करीब 70 मकान बने हैं जबकि बाकी पर खेती होती है। शुक्रवार की सुबह रेलवे के अधिकारी, जिला प्रशासन, राजस्व कर्मचारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर कब्जा खाली कराने पहुंच गए। अधिकारियों और पुलिस को देखते ही लोग भड़क गए। एकत्र हुए लोग न्यायालय का तर्क दे रहे थे तो रेल अफसर कब्जा खाली कराने पर अड़े थे। कब्जा करने वाले लोगों ने कोर्ट का दस्तावेज दिखाया। इसमें मामले में 11 जनवरी 2017 को तारीख होने की जानकारी दी। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ते विवाद की सूचना पर पार्षद पहुंच गए।
लोगों की ओर से एक महीने का समय मांगा जिस पर रेलवे अधिकारी तैयार नहीं हुए। दोनों पक्ष के वार्ता के बाद रेल प्रशासन ने 15 दिन की मोहलत कब्जा हटाने के लिए दी है। सहायक नगर अभियंता उत्तरी एके चावला, सहायक नगर अभियंता दक्षिणी एके पांडेय, असिस्टेंट कमांडेंट गुंजन, अधिशाषी अभियंता हरिशंकर, इंस्पेक्टर कैंट ओम हरि वाजपेयी मौजूद रहे।
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जगदीशपुर प्रतिनिधि के मुताबिक कैंट क्षेत्र के नंदानगर में टीबी अस्पताल के पीछे तीस एकड़ का भूखंड है। भूमि पर 1962 से लोगों का कब्जा है मगर जमीन रेलवे की ही बताई जाती है। यहां करीब 70 मकान बने हैं जबकि बाकी पर खेती होती है। शुक्रवार की सुबह रेलवे के अधिकारी, जिला प्रशासन, राजस्व कर्मचारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर कब्जा खाली कराने पहुंच गए। अधिकारियों और पुलिस को देखते ही लोग भड़क गए। एकत्र हुए लोग न्यायालय का तर्क दे रहे थे तो रेल अफसर कब्जा खाली कराने पर अड़े थे। कब्जा करने वाले लोगों ने कोर्ट का दस्तावेज दिखाया। इसमें मामले में 11 जनवरी 2017 को तारीख होने की जानकारी दी। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ते विवाद की सूचना पर पार्षद पहुंच गए।
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लोगों की ओर से एक महीने का समय मांगा जिस पर रेलवे अधिकारी तैयार नहीं हुए। दोनों पक्ष के वार्ता के बाद रेल प्रशासन ने 15 दिन की मोहलत कब्जा हटाने के लिए दी है। सहायक नगर अभियंता उत्तरी एके चावला, सहायक नगर अभियंता दक्षिणी एके पांडेय, असिस्टेंट कमांडेंट गुंजन, अधिशाषी अभियंता हरिशंकर, इंस्पेक्टर कैंट ओम हरि वाजपेयी मौजूद रहे।
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