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बिजली-पानी को लेकर यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:45 AM IST
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बिजली-पानी जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बुधवार को मुख्य गेट पर जमकर हंगामा किया। उनके हंगामे का जब प्रॉक्टर ने विरोध किया तो छात्र उनसे उलझ गए। नोकझोंक बढ़ी तो नारेबाजी करते हुए छात्रों का दल प्रशासनिक भवन पहुंचा और धरने पर बैठ गया। दो घंटे की मान-मनौव्वल के बाद छात्र इस चेतावनी के साथ लौटे कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
हंगामे की शुरुआत सुबह पौने ग्यारह बजे मुख्य गेट से हुई। छात्रों का कहना था कि कला संकाय में पानी और बिजली का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इसे लेकर कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा और दिक्कत ज्यों की त्यों बनी रही। छात्रों में रसायन शास्त्र विभाग की गंदगी को लेकर भी आवाज उठाई। छात्रों की शिकायत थी कि पिछले दिनों डेढ़ दर्जन से अधिक सांपों के निकलने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन साफ-सफाई को लेकर संजीदा नहीं हुआ।
छात्रों की ओर से डब्लू-2 की समस्या भी उठाई गई, जिसमें यूनिवर्सिटी की कथित जिद से करीब तीन दर्जन से अधिक विद्यार्थियों का परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सका। सौम्या गुप्ता ने बताया कि उन जैसे बहुत से विद्यार्थियों ने अंक सुधार के लिए फार्म भरा लेकिन न तो चालान जमा किया गया और न ही पिछले दिनों हुई परीक्षा में भी सम्मिलित होने दिया गया। परीक्षा में शामिल न होने के बावजूद उनसे डब्लू-2 का प्रतीक चिन्ह हटाने के लिए फीस जमा करने की शर्त यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से रखी गई है, जो न्यायोचित नहीं है। धरने पर बैठे विद्यार्थियों का आक्रोश देख मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए।
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हंगामे की शुरुआत सुबह पौने ग्यारह बजे मुख्य गेट से हुई। छात्रों का कहना था कि कला संकाय में पानी और बिजली का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इसे लेकर कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा और दिक्कत ज्यों की त्यों बनी रही। छात्रों में रसायन शास्त्र विभाग की गंदगी को लेकर भी आवाज उठाई। छात्रों की शिकायत थी कि पिछले दिनों डेढ़ दर्जन से अधिक सांपों के निकलने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन साफ-सफाई को लेकर संजीदा नहीं हुआ।
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छात्रों की ओर से डब्लू-2 की समस्या भी उठाई गई, जिसमें यूनिवर्सिटी की कथित जिद से करीब तीन दर्जन से अधिक विद्यार्थियों का परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सका। सौम्या गुप्ता ने बताया कि उन जैसे बहुत से विद्यार्थियों ने अंक सुधार के लिए फार्म भरा लेकिन न तो चालान जमा किया गया और न ही पिछले दिनों हुई परीक्षा में भी सम्मिलित होने दिया गया। परीक्षा में शामिल न होने के बावजूद उनसे डब्लू-2 का प्रतीक चिन्ह हटाने के लिए फीस जमा करने की शर्त यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से रखी गई है, जो न्यायोचित नहीं है। धरने पर बैठे विद्यार्थियों का आक्रोश देख मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए।
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