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UP Budget : भूमिगत लाइन के जरिए रोशन होगा एम्स

Wed, 12 Jul 2017 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 12 Jul 2017 02:01 AM IST
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Underground cable in Gorakhpur AIIMS
aiims - फोटो : demo pic
शहर में प्रस्तावित एम्स को रौशन करने के लिए बिजली महकमे को इस्टीमेट से ज्यादा बजट प्रदेश सरकार ने जारी कर दिया है। अब काम में तेजी आएगी। बिजली महकमे के प्रस्ताव के मुताबिक मोहद्दीपुर स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन स्टेशन से गन्ना शोध संस्थान तक भूमिगत केबल बिछाकर एम्स को रौशन किया जाएगा। इसके लिए एम्स परिसर में नया सब स्टेशन भी बनाया जाएगा। 
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एम्स के लिए 20 एमवीए बिजली की जरूरत अफसरों ने मानी है। इसे लेकर बिजली अफसरों ने लगभग 25.07 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया। सेकेंड्री वर्क्स डिवीजन के अधीक्षण अभियंता एनके श्रीवास्तव ने बताया कि एम्स को बिजली देने के लिए दो ट्रांसमिशन स्टेशनों से लाइन तैयार की जाएगी। मोहद्दीपुर प्रथम और द्वितीय ट्रांसमिशन स्टेशन से करीब चार किलोमीटर तक अंडरग्राउंड लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 500 मीटर तक दोनों लाइनें पोल पर दौड़ाई जाएंगी। एम्स परिसर में नया उपकेंद्र तैयार किया जाएगा। प्रस्ताव में तय लागत में 3.40 करोड़ रुपये ट्रांसमिशन का खर्च आंका गया है। बाकी रकम से वितरण खंड को काम कराना है।
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14 को खुलेगा टेंडर
चीफ इंजीनियर एके सिंह का कहना है कि एम्स के निर्माण को लेकर बिजली महकमा अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह गंभीर है। एम्स परिसर में उपकेंद्र निर्माण के लिए ईटेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू है। पॉवर कार्पोरेशन कार्यालय में 14 जुलाई को इसका टेंडर खोला जाएगा।
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तय नहीं उपकेंद्र की जगह
एम्स परिसर में उपकेंद्र कहां बनाया जाएगा, यह अभी तय नहीं हो सका है। सेकेंड्री वर्क्स के एसई एनके श्रीवास्तव ने बताया कि अभी बिजली महकमे को एम्स का लेआउट नहीं मिला है। हालांकि, बिजली महकमा अपनी ओर से तैयार है। लेआउट मिलने पर उपकेंद्र का स्थान तय हो जाएगा।

नेपाल और बिहार को लाभ
छात्रसंघ चौक निवासी डॉ. श्रीप्रकाश ने बताया कि गोरखपुर में एम्स का निर्माण होने से पड़ोसी देश नेपाल और राज्य बिहार के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवा मुहैया होगी। अभी तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल समेत आसपास के अन्य इलाकों के लोगों को दिल्ली, मुंबई जाना पड़ता था।


इंसेफेलाइटिस से मुक्ति की आस
जटेपुर निवासी शिक्षिका पुष्पा मिश्र ने एम्स के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट जारी होने पर खुशी जताई। कहा कि शहर में एम्स खुलने से पूर्वांचल के नौनिहालों का काल बनी इंसेफेलाइटिस से मुक्ति की उम्मीद जगी है। अब इस दिशा में सूबे की सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है। उम्मीद है कि अब एम्स के निर्माण में तेजी आएगी।
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