{"_id":"577a7fcb4f1c1bb0617f99e9","slug":"ultrasound-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर और सख्ती की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर और सख्ती की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 04 Jul 2016 08:54 PM IST
विज्ञापन
ultrasound
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीसीपीएनडीटी एक्ट को लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर चल रह सख्ती अब और बढ़ाने की तैयारी है। कैंप दफ्तर पर एक्ट की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का मानचित्र जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी सेंटर का मानचित्र स्वीकृत नहीं है, उनके खिलाफ जीडीए कार्रवाई करे।
बता दें कि शहर के तमाम नर्सिंग होम, हास्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति के ही चल रहे हैं। जीडीए के रिकार्ड में ही इनकी संख्या तकरीबन 80 है। इन्हें चिह्नित कर उनकी सूची तैयार किए दो साल का समय बीतने को है मगर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जन जागरूकता लाने के लिये जिले में संचालित होने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों के डॉक्टरों को जोड़ना जरूरी है। कहा कि ऐसे सभी सेंटरों के डाक्टरों का सेमिनार भी आयेाजित करके पीसीपीएनडीटी एक्ट को और प्रभावी बनाने के लिये उन्हें प्रेरित किया जाए। जिले में लड़के और लड़कियों की लिंगानुपात में काफ ी अंतर है इसलिए कन्या भ्रूण हत्या रोेकने के लिये लोगों को और संवेदनशील बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. एनके पांडेय, डॉ. विक्रांत अग्रवाल, फ ादर वर्गीश, एम. सुल्ताना, उषा दास समेत कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
बता दें कि शहर के तमाम नर्सिंग होम, हास्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति के ही चल रहे हैं। जीडीए के रिकार्ड में ही इनकी संख्या तकरीबन 80 है। इन्हें चिह्नित कर उनकी सूची तैयार किए दो साल का समय बीतने को है मगर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जन जागरूकता लाने के लिये जिले में संचालित होने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों के डॉक्टरों को जोड़ना जरूरी है। कहा कि ऐसे सभी सेंटरों के डाक्टरों का सेमिनार भी आयेाजित करके पीसीपीएनडीटी एक्ट को और प्रभावी बनाने के लिये उन्हें प्रेरित किया जाए। जिले में लड़के और लड़कियों की लिंगानुपात में काफ ी अंतर है इसलिए कन्या भ्रूण हत्या रोेकने के लिये लोगों को और संवेदनशील बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. एनके पांडेय, डॉ. विक्रांत अग्रवाल, फ ादर वर्गीश, एम. सुल्ताना, उषा दास समेत कई लोग मौजूद थे।