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ट्राएज एरिया में होगा गंभीर मरीजों का इलाज
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Jul 2016 08:48 PM IST
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जिला अस्पताल में ट्राएज एरिया का निरीक्षण करते एसआईसी व अन्य ।
- फोटो : Mahesh Kumar
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आपदा और भीषण दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जिला अस्पताल को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इमरजेंसी के बगल में ट्राएज एरिया बनाया जा रहा है, जिसमें आने वाले मरीजों को चार जोन में बांटकर इलाज किया जाएगा। इसके लिए दो डॉक्टरों को लाइफ केयर सिस्टम के तहत विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सोमवार को इसे लेकर एसआईसी ने निरीक्षण कर जगह चिह्नित कर ली है, जिस पर इंजीनियर को अंतिम निर्णय लेना है।
एसआईसी ने इसके लिए सोमवार को इमरजेंसी के बगल बने भवन का निरीक्षण किया। इसकी थोड़ी मरम्मत कर यहां आपदा, भीषण दुर्घटना के बाद आने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। इमरजेंसी में तैनात छह में से दो मेडिकल ऑफिसर को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। मरीजों के इलाज के लिए पूरे एरिया को ब्लैक, ग्रीन, रेड और यलो इन चार जोनों में बांटा जाएगा।
ब्लैक जोन में हादसे के बाद मृत या ऐसे मरीज जिन्हें बचाया नहीं जा सकता है, उन्हें रखा जाएगा। रेड जोन में ऐसे मरीज रखे जाएंगे, जिन्हें पांच मिनट के अंदर लाइफ सपोर्ट देकर बचाया जा सकता है। यलो जोन में ऐसे मरीज होंगे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आधे घंटे बाद इलाज की जरूरत हो। ग्रीन जोन में मामूली रूप से जख्मी मरीजों को रखा जाएगा।
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ट्राएज एरिया बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया गया है। यहां पर आपदा, भीषण दुर्घटना के बाद आने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। दो डॉक्टर को इसके लिए ट्रेंड किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य सभी डॉक्टर ऑन कॉल इलाज करेंगे।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी
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एसआईसी ने इसके लिए सोमवार को इमरजेंसी के बगल बने भवन का निरीक्षण किया। इसकी थोड़ी मरम्मत कर यहां आपदा, भीषण दुर्घटना के बाद आने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। इमरजेंसी में तैनात छह में से दो मेडिकल ऑफिसर को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। मरीजों के इलाज के लिए पूरे एरिया को ब्लैक, ग्रीन, रेड और यलो इन चार जोनों में बांटा जाएगा।
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ब्लैक जोन में हादसे के बाद मृत या ऐसे मरीज जिन्हें बचाया नहीं जा सकता है, उन्हें रखा जाएगा। रेड जोन में ऐसे मरीज रखे जाएंगे, जिन्हें पांच मिनट के अंदर लाइफ सपोर्ट देकर बचाया जा सकता है। यलो जोन में ऐसे मरीज होंगे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आधे घंटे बाद इलाज की जरूरत हो। ग्रीन जोन में मामूली रूप से जख्मी मरीजों को रखा जाएगा।
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ट्राएज एरिया बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया गया है। यहां पर आपदा, भीषण दुर्घटना के बाद आने वाले मरीजों का इलाज किया जाएगा। दो डॉक्टर को इसके लिए ट्रेंड किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य सभी डॉक्टर ऑन कॉल इलाज करेंगे।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी