फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Two thousands NGO are missing

बस्ती और गोरखपुर मंडल के दो हजार एनजीओ ‘लापता’ 

Fri, 26 Aug 2016 12:55 AM IST
अनुपम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
अनुपम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 26 Aug 2016 12:55 AM IST
विज्ञापन
Two thousands NGO are missing
Missing
सामाजिक उत्थान का दंभ भरने वाले बस्ती और गोरखपुर मंडल के दो हजार एनजीओ (सामाजिक संस्थाएं) लापता हो चुके हैं। इनकी गतिविधियों के बारे में विभाग को भी नहीं पता है। चार दशकों से एनजीओ की न तो विभाग ने खोज-खबर ली और न ही एनजीओ संचालकों ने अपने क्रियाकलाप से विभाग को अवगत कराया।
विज्ञापन


समाज में जागरूकता लाने, पर्यावरण को बचाने, गरीब बच्चों को पढ़ाने, बाल श्रम खत्म करने, स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियां दूर करने आदि का हवाला देते हुए करीब 65 हजार एनजीओ ने चिट्स एवं फंड सोसाइटी दफ्तर में अपना रजिस्ट्रेशन करा रखा है। इनमें से करीब दो हजार एनजीओ की फाइलें ऐसी हैं, जिनका नवीनीकरण पिछले 30-40 सालों से नहीं हुआ है। दफ्तर में पड़ी इन फाइलों की धूल यह बताती है कि बाबुओं ने फाइलों को कभी पलटने की जरूरत भी नहीं समझी। इनमें गोरखपुर और बस्ती मंडलों के विभिन्न जिलों के एनजीओ की फाइलें हैं।
विज्ञापन


नवीनीकरण के लिए विभाग ने इनको कोई नोटिस भी भेजने की जहमत नहीं उठाई है। एनजीओ के मौजूदा समय में कामकाज से भी विभाग अंजान है। दफ्तर के बाबुओं का कहना है कि एनजीओ का काम जब तक ठीक चलता है तब तक वे नवीनीकरण कराते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर कोई अपनी पुरानी संस्था नवीनीकरण कराना चाहती है तो शुल्क की अदायगी के साथ नवीनीकरण किया जा सकता है। इससे विभाग की आय बढ़ती है। एनजीओ के नवीनीकरण के समय पुराना ब्यौरा मांगा जाता है और उसके बाद नवीनीकरण किया जाता है।
- उमाशंकर यादव, उप निबंधक, चिट्स फंड एंड सोसाइटी दफ्तर, गोरखपुर-बस्ती मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed