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लिफ्ट में फिर फंसे दो लोग, मची अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:43 AM IST
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मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से आए दिन जान पर बन जा रही है। कालेज में लिफ्ट तो लगा दी गई है, मगर आज तक उसे चलाने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी। इसी का परिणाम है कि इसमें आए दिन मरीज फंस जाते हैं।
सोमवार की दोपहर करीब 12.15 बजे पुरानी पर्ची काउंटर के पास लिफ्ट में फिर दो लोग फंस गए। करीब आधा घंटे बाद पहुंचे कर्मचारी ने उन्हें बाहर निकाला।
मेडिकल कॉलेज में सिद्धार्थनगर के उस्का बाजार निवासी प्रदीप कुमार (20) अपने पिता की डायलिसिस कराने आए थे, जबकि चिलुआताल के तेनुई निवासी दुर्गेश (12) अपने पिता मनोज के साथ ओपीडी में आंख दिखाने आया था। मनोज ओपीडी में थे तभी दुर्गेश पुरानी पर्ची काउंटर के पास लगी लिफ्ट में चढ़ गया। उसके साथ प्रदीप भी था। दोनों आधे रास्ते में फंस गए। आधे घंटे बाद इसकी जानकारी जब कर्मचारियों की हुई तो उन्हें बाहर निकाला गया।
पहले भी लोग फंस चुके हैं लिफ्ट में
19 फरवरी : वार्ड नंबर तीन और सात के बीच एक घंटे तक फंसी रही कुशीनगर की महिला।
5 मार्च : मेडिसिन ओपीडी के पास स्ट्रेचर के साथ कुशीनगर की मरीज भागमनी देवी फंसी रही।
12 मार्च : पर्ची काउंटर के पास देवरिया की रानी लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसी रहीं।
13 मार्च : दो लड़के लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसे रहे।
9 अप्रैल : पुरानी पर्ची काउंटर के पास हार्ट का मरीज फंस गया।
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सोमवार की दोपहर करीब 12.15 बजे पुरानी पर्ची काउंटर के पास लिफ्ट में फिर दो लोग फंस गए। करीब आधा घंटे बाद पहुंचे कर्मचारी ने उन्हें बाहर निकाला।
मेडिकल कॉलेज में सिद्धार्थनगर के उस्का बाजार निवासी प्रदीप कुमार (20) अपने पिता की डायलिसिस कराने आए थे, जबकि चिलुआताल के तेनुई निवासी दुर्गेश (12) अपने पिता मनोज के साथ ओपीडी में आंख दिखाने आया था। मनोज ओपीडी में थे तभी दुर्गेश पुरानी पर्ची काउंटर के पास लगी लिफ्ट में चढ़ गया। उसके साथ प्रदीप भी था। दोनों आधे रास्ते में फंस गए। आधे घंटे बाद इसकी जानकारी जब कर्मचारियों की हुई तो उन्हें बाहर निकाला गया।
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पहले भी लोग फंस चुके हैं लिफ्ट में
19 फरवरी : वार्ड नंबर तीन और सात के बीच एक घंटे तक फंसी रही कुशीनगर की महिला।
5 मार्च : मेडिसिन ओपीडी के पास स्ट्रेचर के साथ कुशीनगर की मरीज भागमनी देवी फंसी रही।
12 मार्च : पर्ची काउंटर के पास देवरिया की रानी लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसी रहीं।
13 मार्च : दो लड़के लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसे रहे।
9 अप्रैल : पुरानी पर्ची काउंटर के पास हार्ट का मरीज फंस गया।