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शहीदी पर्व पर शबद कीर्तन के बाद चला लंगर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:37 AM IST
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जटाशंकर गुरुद्वारे में तेग बहादुर के शहीदी पर्व पर कीर्तन करते आगरा का रागी जत्था।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर का शहीदी पर्व रविवार को गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा जटाशंकर में रक्तदान व सत्संग का आयोजन किया गया। शहीदी पर्व का शुभारंभ सुबह 10 बजे हजूरी रागी प्रीतम सिंह के जत्थे ने कीर्तन से किया। इसके बाद प्रसिद्ध रागी भाई सुरजीत सिंह ने शबद कीर्तन पेश किया।
आगरा से पधारे पंथ प्रसिद्ध गुरुवाणी गायक भाई हरजिंदर सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु तेग बहादुर महाराज की रचनाओं का गायन किया। इसके बाद गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल के कन्वीनर वीर ब्रजेंद्र पाल सिंह ने गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डाला। बताया कि गुरु तेग बहादुर ने मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में भारतीयों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष की आवाज बुलंद की। हिंद की रक्षा के लिए ही उन्हें हिंद की चादर कहकर नवाजा गया। दोपहर तीन बजे हेड ग्रंथी द्वारा अरदास एवं हुक्मनामा के बाद संगत में लंगर वितरित किया गया। संचालन जगनैन सिंह नीटू ने किया।
इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति के संरक्षक निर्मल सिंह, हरभजन सिंह, अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह, उपाध्यक्ष हरबंस सिंह, जतींदर सिंह, महामंत्री कुलदीप सिंह अरोरा, मैनेजर राजेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, चरनप्रीत सिंह, धर्मपाल सिंह, मनजीत सिंह, गुरदीप सिंह, सेवादार सत्यप्रकाश सिंह, तेजपाल सिंह, मनमोहन सिंह लाडे, कबीर सिंह, नंदलाल लखमानी आदि मौजूद रहे।
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आगरा से पधारे पंथ प्रसिद्ध गुरुवाणी गायक भाई हरजिंदर सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु तेग बहादुर महाराज की रचनाओं का गायन किया। इसके बाद गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल के कन्वीनर वीर ब्रजेंद्र पाल सिंह ने गुरु तेग बहादुर की जीवनी पर प्रकाश डाला। बताया कि गुरु तेग बहादुर ने मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में भारतीयों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष की आवाज बुलंद की। हिंद की रक्षा के लिए ही उन्हें हिंद की चादर कहकर नवाजा गया। दोपहर तीन बजे हेड ग्रंथी द्वारा अरदास एवं हुक्मनामा के बाद संगत में लंगर वितरित किया गया। संचालन जगनैन सिंह नीटू ने किया।
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इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति के संरक्षक निर्मल सिंह, हरभजन सिंह, अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह, उपाध्यक्ष हरबंस सिंह, जतींदर सिंह, महामंत्री कुलदीप सिंह अरोरा, मैनेजर राजेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, चरनप्रीत सिंह, धर्मपाल सिंह, मनजीत सिंह, गुरदीप सिंह, सेवादार सत्यप्रकाश सिंह, तेजपाल सिंह, मनमोहन सिंह लाडे, कबीर सिंह, नंदलाल लखमानी आदि मौजूद रहे।
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