विज्ञापन

पर्यावरण प्रेम की निशानी परिणय में बंधे पेड़

आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 05 Jun 2017 02:22 AM IST
पुरानी जेल में लगे पाकड़ के पेड के बारे में बताते अमरचंद।
पुरानी जेल में लगे पाकड़ के पेड के बारे में बताते अमरचंद। - फोटो : Amar Ujala
ख़बर सुनें
आधुनिकता की दौड़ में हमने हरियाली रौंद डाली। इस होड़ में पर्यावरण को हो रहे नुकसान को भी हम भूल गए। उन वृक्षों पर आरा चला डाला, जिन्हें हमारे पुरनियों ने पूजा था। विकास की इस विनाशलीला के बाद भी शहर की पुरानी जेल में हमारे पुरखों के पर्यावरण प्रेम की एक निशानी बाकी है। पीढ़ियों पहले यहां जश्न मना था। दो दरख्तों की शादी में हमारे बुजर्ग घराती-बराती थे। आज भी इन दरख्तों की हरियाली पर्यावरण के प्रति हमारे पुरखों की जागरूकता का प्रमाण दे रही है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हम आपको शहर की आब-ओ-हवा में अमृत घोल रहे इस अनोखे दंपती से मिला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरानी जेल में पाकड़ का जोड़ा है। हरे-भरे इन विशालकाय दरख्तों में से एक के नीचे चारपाई लगाए बैठे 67 वर्षीय लाला प्रसाद ने दादा-बाबा से इनकी शादी का किस्सा सुन रखा है। उन्होंने बताया कि उनकी ही बुजुर्गों की जबानी यह कहानी यहां के बच्चे-बडे़ सभी जानते हैं। हालांकि, पेड़ों का ब्याह कब हुआ था, इस बारे में यहां का कोई भी शख्स ठीक से नहीं बता पाता। लाला प्रसाद की मानें तो यह उनके होश संभालने से पहले का वाकया है।

अमरचंद बताते हैं कि इन दोनों पेड़ों में जो सबसे विशाल है उसे हमारे बुजुर्गों ने ‘नर’ और उसके पास स्थित दूसरे पेड़ को ‘मादा’ बताया था। ‘नर’ पाकड़ पर ही 1857 में 300 क्रांतिकारियों को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। अजीत और गायत्री बताते हैं कि जब कभी गर्मी से परेशान होते हैं तो इस अनोखे दंपती की छांव में जा बैठते हैं। जितेंद्र कुमार बताते हैं कि धूमधाम से इन वृक्षों की शादी और लोगों की दावत की कहानी उन्होंने बुजुर्गों से सुन रखी है, लेकिन शादी कब हुई थी, पता नहीं।

1952 तक यहां रहते थे कैदी
पुरानी जेल में अंग्रेजों ने मगध से लाए डोमों को कैद कर रखा था। इनसे वो अपने कामकाज कराते थे। देश को 1947 में आजादी मिली लेकिन ये बेचारे आजाद नहीं हो सके। इसकी वजह अंग्रेजी शासन का एक कानून था। 1952 में इन्हें इस एक्ट से आजादी मिली। हालांकि, पीढ़ियों से कैद रहे ये परिवार इसके बाद भी यहां से नहीं गए। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों ने संभावना जताई कि दरख्तों की शादी एक्ट से आजादी मिलने की मन्नत पूरी होने पर बुजुर्गों ने कराई होगी।

पेड़ों के साथ आस्था से जुड़ा है कुआं
पुरानी जेल के बाशिंदों में दोनों पेड़ों को लेकर जैसी आस्था है वैसा ही इन वृक्षों से चंद कदमों के फासले पर स्थित कुएं को लेकर भी है। जितेंद्र और अमर चंद ने बताया कि बुजुर्गों से सुनते आए हैं इसी कुएं पर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ‘बंधू सिंह बाबा’ की फांसी हुई थी। कुआं काफी गहरा है। इसमें करीब 20 लोग कूद चुके हैं, लेकिन आज तक किसी की मौत नहीं हुई। ये कुआं वर्षा के दौरान भूगर्भ जल स्तर को चार्ज करता है और हमेशा इसका जलस्तर एक सा होता है।

Recommended

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में
त्रिवेणी संगम पूजा

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Gorakhpur

60 के बुजुर्ग ने की 8 साल की बालिका से दुष्कर्म की कोशिश, केस दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा आठ साल की बालिका से दुष्कर्म की कोशिश का मामला प्रकाश में आया है।

18 जनवरी 2019

विज्ञापन

गोरखपुर में सीएम योगी ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ समिट में लिया हिस्सा, कही ये बड़ी बात

सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में थे। यहां उन्होंने ‘एक जनपद एक उत्पाद' समिट में लिया हिस्सा लिया और इस स्कीम के लाभार्थियों को चेक बांटे। सुनिए इस दौरान क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ।

15 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree