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ट्रेनें लेट, बढ़ी भीड़ तो खुले में गुजरा वक्त
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 29 Nov 2016 01:35 AM IST
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ट्रेन
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कोहरे के चलते ट्रेनों की रफ्तार थमी ही थी कि हाजीपुर में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य ने शेड्यूल को और बिगाड़ दिया। बरौनी से आने वाली वैशाली एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे तो बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से आई। ठंड में स्टेशन पहुुंचे यात्रियों को काफी सांसत झेलनी पड़ी। प्लेटफार्म पर जब जगह नहीं मिली तो स्टेशन के बाहर परिसर में खुले में उन्हें वक्त गुजारना पड़ा।
रेल प्रशासन ने हालांकि एहतियात के तौर पर कई ट्रेनों का रास्ता बदल दिया था। मौर्य एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस को बछवारा होकर हाजीपुर लाया गया। इससे दोनों ही ट्रेनें दो घंटे से अधिक विलंब हो गई। वहीं वैशाली एक्सप्रेस शाम पौने पांच बजे की जगह रात 9.30 बजे आई तो ट्रेन में चढ़ने के लिए भीड़ दौड़ पड़ी। बहुत से लोगों को जगह नहीं मिली तो वे लटककर ही रवाना हुए। इसी तरह दरभंगा से आने वाली शहीद एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची। रविवार को दोपहर में जम्मूतवी जाने वाली मोरध्वज एक्सप्रेस देर रात डेढ़ बजे स्टेशन आई। ट्रेनों के विलंब होने से पूछताछ से लेकर प्लेटफार्म तक लोकेशन जानने को यात्री परेशान हो गए। कई ट्रेनों के सही जानकारी भी यात्रियों को नहीं मिली।
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रेल प्रशासन ने हालांकि एहतियात के तौर पर कई ट्रेनों का रास्ता बदल दिया था। मौर्य एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस को बछवारा होकर हाजीपुर लाया गया। इससे दोनों ही ट्रेनें दो घंटे से अधिक विलंब हो गई। वहीं वैशाली एक्सप्रेस शाम पौने पांच बजे की जगह रात 9.30 बजे आई तो ट्रेन में चढ़ने के लिए भीड़ दौड़ पड़ी। बहुत से लोगों को जगह नहीं मिली तो वे लटककर ही रवाना हुए। इसी तरह दरभंगा से आने वाली शहीद एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची। रविवार को दोपहर में जम्मूतवी जाने वाली मोरध्वज एक्सप्रेस देर रात डेढ़ बजे स्टेशन आई। ट्रेनों के विलंब होने से पूछताछ से लेकर प्लेटफार्म तक लोकेशन जानने को यात्री परेशान हो गए। कई ट्रेनों के सही जानकारी भी यात्रियों को नहीं मिली।
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