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गुजर-बसर के लिए मायके में काम ढूंढ रहीं शकीला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 27 Apr 2017 02:06 AM IST
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शकीला बानो।
- फोटो : Amar Ujala
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शौहर से मिली तलाक की धमकी पर योगी दरबार पहुंचने वाली बक्शीपुर की शकीला बानो की मुश्किलें पांच दिन बाद भी खत्म नहीं हो सकी हैं। गोरखनाथ मंदिर और पुलिस के दबाव का उसके शौहर बाबर खान पर कोई असर नहीं हो रहा है। मंदिर में शिकायत के बाद पुलिस के सामने जल्द शकीला की विदाई का वादा करने वाले जेठ और ससुराल के ग्राम प्रधान भी बाबर को समझाने में नाकाम रहे। दूसरी ओर शौहर से ठुकराई गई शकीला बानो अब मायके में गुजर-बसर के लिए काम तलाश रही हैं। इन दिक्कतों के बाद भी उन्हें तलाक गवारा नहीं। कहती हैं अगर शौहर ने तलाक दिया तो जान दें देंगी।
इस बीच शकीला ने शौहर को कई बार फोन किया, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा। जेठ के आश्वासन के बाद 21 अप्रैल से अपनी विदाई का इंतजार कर रहीं शकीला को शौहर से खर्च भी नहीं मिल रहा। मायके में अब गुजर-बसर के लिए वह काम खोज रही हैं। बुधवार को घंटाघर में कपड़े की दुकान पर उन्होंने काम के सिलसिले में बात भी की। बताया कि शौहर की ज्यादती के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ेंगी। लड़ाई में मायके का साथ तो मिला है, पर वह बूढ़ी मां पर बोझ नहीं बनना चाहती। इसके लिए खुद कमाना जरूरी है।
ये है मामला
बक्शीपुर की शकीला ने बताया कि चार महीने पहले उरुवा बाजार के राजपाल गांव के बाबर के साथ उनका निकाह हुआ था। शौहर के मुंबई जाने के बाद 19 अप्रैल को वह मायके आईं। 20 को शौहर का फोन आया और उन्होंने तलाक की धमकी दे दी। इसके बाद उन्हें कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर मां मरियम निशा के साथ शुक्रवार को शकीला गोरखनाथ मंदिर गईं। वहां उन्होंने शिकायत की। शक जताया कि शौहर उसे छोड़कर किसी और से निकाह करना चाह रहा है। इसके बाद निकाह के अगुवा रहे गांव के प्रधान और जेठ ने बाबर को समझाकर जल्द विदाई कराने की बात कही थी।
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इस बीच शकीला ने शौहर को कई बार फोन किया, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा। जेठ के आश्वासन के बाद 21 अप्रैल से अपनी विदाई का इंतजार कर रहीं शकीला को शौहर से खर्च भी नहीं मिल रहा। मायके में अब गुजर-बसर के लिए वह काम खोज रही हैं। बुधवार को घंटाघर में कपड़े की दुकान पर उन्होंने काम के सिलसिले में बात भी की। बताया कि शौहर की ज्यादती के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ेंगी। लड़ाई में मायके का साथ तो मिला है, पर वह बूढ़ी मां पर बोझ नहीं बनना चाहती। इसके लिए खुद कमाना जरूरी है।
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ये है मामला
बक्शीपुर की शकीला ने बताया कि चार महीने पहले उरुवा बाजार के राजपाल गांव के बाबर के साथ उनका निकाह हुआ था। शौहर के मुंबई जाने के बाद 19 अप्रैल को वह मायके आईं। 20 को शौहर का फोन आया और उन्होंने तलाक की धमकी दे दी। इसके बाद उन्हें कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर मां मरियम निशा के साथ शुक्रवार को शकीला गोरखनाथ मंदिर गईं। वहां उन्होंने शिकायत की। शक जताया कि शौहर उसे छोड़कर किसी और से निकाह करना चाह रहा है। इसके बाद निकाह के अगुवा रहे गांव के प्रधान और जेठ ने बाबर को समझाकर जल्द विदाई कराने की बात कही थी।
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