फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Teachers recruitment will be on interview basis

साक्षात्कार के आधार पर होगा शिक्षकों का चयन

Sun, 17 Jul 2016 09:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर। Updated Sun, 17 Jul 2016 09:25 PM IST
विज्ञापन
Teachers recruitment will be on interview basis
गोरखपुर यूनिवर्सिटी
अध्यापकों की कमी से जूझ रहे गोरखपुर यूनिवर्सिटी की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की चुनौती अब समाप्त होती नजर आ रही है। रविवार को आयोजित कार्य परिषद की बैठक इस मुद्दे पर निर्णायक चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद सदस्यों ने एक स्वर से कहा कि शिक्षक चयन यूजीसी के उन नियमों के मुताबिक हो, जिसे शासन ने स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन


ऐसे में शासन की ओर से तय नियम के मुताबिक चयन केवल साक्षात्कार के आधार पर ही होंगे। दो चरण की विचाराधीन चयन प्रक्रिया को परिषद के सदस्यों ने खारिज कर दिया, जिसके तहत साक्षात्कार के साथ लिखित परीक्षा भी होनी थी। चयन प्रक्रिया की चर्चा के दौरान सदस्यों ने शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर करने पर जोर दिया। चयन प्रक्रिया के पुनर्विचार की स्थिति के पीछे की वजह पदों के सापेक्ष काफी संख्या में आए आवेदन थे। दरअसल इस बार 203 पदों के लिए चयन किया जाना है, जिसके लिए करीब 6000 आवेदन आए हैं। आवेदनों की बढ़ी संख्या के पीछे विज्ञापन का दो बार निकाला जाना भी कारण रहा। पहले 2014 में 185 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन आरक्षण नियमों की अस्पष्टता के चलते साक्षात्कार नहीं लिए जा सके और 2016 में दोबारा विज्ञापन निकालना पड़ा। इस दौरान 18 पदों का इजाफा हो गया।
विज्ञापन


फिलहाल कार्य परिषद के निर्णय के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की चयन की तैयारी को बल मिल गया है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक सितंबर के दूसरे पखवारे में साक्षात्कार शुरू करने की योजना है। यूनिवर्सिटी की ओर से साक्षात्कार के लिए विशेषज्ञों के पैनल का नाम अनुमोदन के लिए राज्यपाल को भेज दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

67 शिक्षकों को मिला प्रमोशन 

कार्य परिषद की बैठक जहां भावी शिक्षकों के लिए निर्णायक रही, वहीं कार्यरत शिक्षकों में जोश-खरोश भर गई। लंबे समय से अटकी शिक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया पूरी हुई। बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन का लिफाफा खोला गया और लिफाफा खुलते ही 67 शिक्षकों का प्रमोशन हो गया। प्रमोशन सूची के मुताबिक 12 शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर हो गए, जबकि 55 एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद मिल गया। प्रोफेसर बनने वालों में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. रजनीकांत पांडेय का भी नाम शामिल है।

प्रमोशन की जानकारी मिलते ही शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने अपनी इस सफलता को जश्न के रूप में मनाया। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधाकर लाल श्रीवास्तव ने प्रमोशन को लेकर संघ की लंबित मांग को पूरा कराने के लिए कुलपति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के प्रमोशन हुए हैं। प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को बधाई देने वालों में प्रो. चितरंजन मिश्र, डॉ. मुकुंद शरण त्रिपाठी, डॉ. अजय कुमार शुक्ल, डॉ. आलोक गोयल, डॉ. मनोज तिवारी, डॉ. रविशंकर सिंह आदि शामिल रहे।

परीक्षा नियंत्रक की ओर से दो स्मृति पदक
दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले स्मृति पदकों की संख्या में दो की बढ़ोत्तरी की गई है। यह दोनों स्मृति पदक स्नातक स्तर पर गणित विषय में सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र और छात्रा को दिए जाएंगे। खास बात यह है कि इन पदकों के प्रायोजक परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह होंगे। डॉ. सिंह ने अपने माता-पिता के नाम पर स्मृति पदकों की शुरुआत की है। सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र को पिता पृथ्वी नाथ सिंह के नाम पर और छात्रा को माता कमला देवी के नाम पर स्मृति स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। रविवार को कार्यपरिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई।

रगड़गज कॉलेज को मिली राहत
परीक्षा से पहले कॉपी लिखे जाने के प्रकरण के आरोपी कुशीनगर के ज्ञान भारती कॉलेज रगड़गंज के लिए कार्यपरिषद का फैसला राहत देने वाला है। परिषद ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने का प्रस्ताव रखने से पहले कॉलेज को अपना पक्ष रखने का एक और मौका दे।


पेपर आउट मामले की जांच करेगी नई कमेटी
कार्यपरिषद ने यूनिवर्सिटी की 2012 की परीक्षा के दौरान हुए पेपर आउट मामले की जांच नई कमेटी से कराने का फैसला लिया है। विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके पाठक की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में जस्टिस केडी शाही और परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह को शामिल किया गया है। विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मिश्र के रिटायर्ड होने पर पूर्व में गठित कमेटी भंग कर दी गई थी। उसके बाद नई कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी सीबीसीआईडी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगी। सीबीसीआईडी ने जांच के बाद तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक समेत छह लोगों को दोषी करार दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed