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विभाग ने शुरू किया अभियान, मरीज क्यों नहीं करा रहे इलाज
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2016 02:03 AM IST
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क्षय रोगियों की स्थिति जानने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। अब क्षय रोग विभाग ने भी अपने कर्मचारियों की मदद से 1200 ये ज्यादा मरीज खोज निकाले हैं जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। अभी तक सिर्फ पत्र के माध्यम से डॉक्टरों से सूचना मांगी जाती थी जो संभव नहीं हो पाता था। प्राइवेट डॉक्टरों के यहां जाने वाले मरीज किसी कारणवश इलाज कराना बंद कर देते थे तो उनका फॉलोअप नहीं हो पाता था मगर अब यह काम विभाग के प्रयासों से आसानी से हो रहा है।
जिले में टीबी मरीजों की सूची ऑनलाइन करने के साथ ही इस ओर प्रयास शुरू किया गया। कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई डॉक्टर इसकी सूचना नहीं दे रहा था। अंत में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने इसके लिए प्रयास शुरू किए और खुद के कर्मचारियों को सूचना लाने की जिम्मेदारी दे दी। इस पर कर्मचारियों ने भी काम शुरू किया तो परिणाम सामने आने लगे हैं। अब इन मरीजों का लगातार फॉलोअप शुरू कर दिया गया है।
अक्सर होता यह था कि आर्थिक समस्या के कारण मरीज बीच में इलाज बंद कर देते थे। अब इन मरीजों की निगरानी हो रही है और इलाज छोड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच कर कारण जान रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों के माध्यम से प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराने वालों की सूची बनाई जा रही है।
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जिले में टीबी मरीजों की सूची ऑनलाइन करने के साथ ही इस ओर प्रयास शुरू किया गया। कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई डॉक्टर इसकी सूचना नहीं दे रहा था। अंत में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने इसके लिए प्रयास शुरू किए और खुद के कर्मचारियों को सूचना लाने की जिम्मेदारी दे दी। इस पर कर्मचारियों ने भी काम शुरू किया तो परिणाम सामने आने लगे हैं। अब इन मरीजों का लगातार फॉलोअप शुरू कर दिया गया है।
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अक्सर होता यह था कि आर्थिक समस्या के कारण मरीज बीच में इलाज बंद कर देते थे। अब इन मरीजों की निगरानी हो रही है और इलाज छोड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच कर कारण जान रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों के माध्यम से प्राइवेट डॉक्टरों के यहां इलाज कराने वालों की सूची बनाई जा रही है।
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