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वाराणसी के लिए आजमगढ़ होकर नई रेल लाइन का सर्वे जल्द
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:18 AM IST
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रेल
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के लिए लालगढ़ और आजमगढ़ के रास्ते नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे जल्द शुरू होगा। इस 200 किलोमीटर लंबी लाइन के लिए रेल मंत्रालय ने 30 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। सर्वे के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नई लाइन बिछाने से करीब 30 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी और समय भी आधा घंटा कम लगेगा।
रेल बजट वर्ष 2016-17 में मंजूर इस नई रेल लाइन को लेकर अब तेजी दिखने लगी है। रेलवे ने आठ फरवरी को टेंडर भी फाइनल कर दिया है। अनुमान है कि तीन माह में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि रेल लाइन को किस रूट से ले जाया जाएगा। हालांकि रेलवे के जानकारों की मानें तो दूरी और जरूरत के हिसाब से 10 से 12 रेलवे स्टेशन बनाए जा सकते हैं। गोरखपुर से वाराणसी के लिए अभी देवरिया, भटनी, मऊ होते हुए रेल सेवा है।
इस रूट से सफर में ट्रेन से करीब 230 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन इस नई रेलवे लाइन के बिछने से जहां दूरी घटकर 200 किलोमीटर रह जाएगी, वहीं दोहरीघाट से लेकर आजमगढ़ व आसपास के लोग भी रेल सेवा से जुड़ जाएंगे।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि सर्वे का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इस नई लाइन के बिछने से गोरखपुर से दोहरीघाट, आजमगढ़ जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी वहीं रेलवे को वाराणसी के लिए एक विकल्प भी मिल जाएगा।
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रेल बजट वर्ष 2016-17 में मंजूर इस नई रेल लाइन को लेकर अब तेजी दिखने लगी है। रेलवे ने आठ फरवरी को टेंडर भी फाइनल कर दिया है। अनुमान है कि तीन माह में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि रेल लाइन को किस रूट से ले जाया जाएगा। हालांकि रेलवे के जानकारों की मानें तो दूरी और जरूरत के हिसाब से 10 से 12 रेलवे स्टेशन बनाए जा सकते हैं। गोरखपुर से वाराणसी के लिए अभी देवरिया, भटनी, मऊ होते हुए रेल सेवा है।
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इस रूट से सफर में ट्रेन से करीब 230 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन इस नई रेलवे लाइन के बिछने से जहां दूरी घटकर 200 किलोमीटर रह जाएगी, वहीं दोहरीघाट से लेकर आजमगढ़ व आसपास के लोग भी रेल सेवा से जुड़ जाएंगे।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि सर्वे का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इस नई लाइन के बिछने से गोरखपुर से दोहरीघाट, आजमगढ़ जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी वहीं रेलवे को वाराणसी के लिए एक विकल्प भी मिल जाएगा।