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दीक्षांत में विद्यार्थियों को मिलेगा मंच
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 08 Sep 2016 09:03 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के 35वें दीक्षा समारोह में विद्यार्थियों कोे अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का विशेष मौका दिया जा रहा है। एकांकी, प्रहसन, गायन-वादन का मंच हो या फिर कवि गोष्ठी, इस बार दीक्षांत सप्ताह के तहत होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विश्वविद्यालय- महाविद्यालय के विद्यार्थी ही देंगे। इसके अलावा पूर्व वर्ष की तरह ‘लोगो’ डिजाइन के लिए विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता कराई जा रही है।
दीक्षा समारोह प्रचार समिति के संयोजक प्रो. एके तिवारी ने बताया कि दीक्षांत सप्ताह समारोह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले एकांकी, प्रहसन, मूक अभिनय, भारतीय समूह गान, एकल शास्त्रीय गायन एवं वादन, एकल सुगम गायन, पाश्चात्य एकल एवं समूह गायन, शास्त्रीय एकल तथा समूह नृत्य के लिए चयन प्रतियोगिता के इच्छुक प्रतिभागी अपना अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए 14 सितंबर को अंतिम तारीख होगी। चयन के लिए 15 सितंबर को संवाद भवन में प्रतियोगिता आयोजित होगी।
यही नहीं बीते सत्र में जहां कवि सम्मेलन में लोकप्रिय शायर-कवि आमंत्रित किए जाते थे, वहीं इस वर्ष छात्रों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच दिया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थी जो काव्य गोष्ठी में स्वरचित कविताएं, गीत, गजल प्रस्तुत करना चाहते हैं, वे चयन के लिए अपना 25 सितंबर तक पंजीयन करा सकते हैं। 18 सितंबर को प्रतिभागियों के बीच चयन प्रतियोगिता कराई जाएगी। कवि गोष्ठी की जिम्मेदारी प्रो. लालजी त्रिपाठी संभालेंगे।
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दीक्षा समारोह के आधिकारिक ‘लोगो’ डिजाइन के लिए 15 सितंबर तक प्रविष्टियां जमा की जा सकती हैं। इस प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी के अलावा डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी हिस्सा लेने का अवसर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने ‘लोगो’ के लिए ये शर्ते रखी हैं।
- डिजाइन 10 इंच *10 इंच के आकार में या 10 इंच के व्यास वाले वृत्त में होने चाहिए।
- डिजाइन में विवि का ध्येयवाक्य (आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:) एवं कुलचिह्न का होना आवश्यक है।
- डिजाइन में 35वां दीक्षांत समारोह हिंदी या अंग्रेजी में लिखा होना आवश्यक है।
- अधिकतम तीन रंगों का प्रयोग किया जा सकता है।
- डिजाइन के पीछे नाम, कक्षा तथा महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय का नाम अवश्य अंकित करें।
- डिजाइन के साथ अपने परिचय-पत्र की फोटोकापी संलग्न करना अनिवार्य है।
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दीक्षा समारोह प्रचार समिति के संयोजक प्रो. एके तिवारी ने बताया कि दीक्षांत सप्ताह समारोह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले एकांकी, प्रहसन, मूक अभिनय, भारतीय समूह गान, एकल शास्त्रीय गायन एवं वादन, एकल सुगम गायन, पाश्चात्य एकल एवं समूह गायन, शास्त्रीय एकल तथा समूह नृत्य के लिए चयन प्रतियोगिता के इच्छुक प्रतिभागी अपना अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए 14 सितंबर को अंतिम तारीख होगी। चयन के लिए 15 सितंबर को संवाद भवन में प्रतियोगिता आयोजित होगी।
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यही नहीं बीते सत्र में जहां कवि सम्मेलन में लोकप्रिय शायर-कवि आमंत्रित किए जाते थे, वहीं इस वर्ष छात्रों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच दिया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थी जो काव्य गोष्ठी में स्वरचित कविताएं, गीत, गजल प्रस्तुत करना चाहते हैं, वे चयन के लिए अपना 25 सितंबर तक पंजीयन करा सकते हैं। 18 सितंबर को प्रतिभागियों के बीच चयन प्रतियोगिता कराई जाएगी। कवि गोष्ठी की जिम्मेदारी प्रो. लालजी त्रिपाठी संभालेंगे।
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लोगो डिजाइन के प्रविष्टि 15 तक
दीक्षा समारोह के आधिकारिक ‘लोगो’ डिजाइन के लिए 15 सितंबर तक प्रविष्टियां जमा की जा सकती हैं। इस प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी के अलावा डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी हिस्सा लेने का अवसर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने ‘लोगो’ के लिए ये शर्ते रखी हैं।
- डिजाइन 10 इंच *10 इंच के आकार में या 10 इंच के व्यास वाले वृत्त में होने चाहिए।
- डिजाइन में विवि का ध्येयवाक्य (आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:) एवं कुलचिह्न का होना आवश्यक है।
- डिजाइन में 35वां दीक्षांत समारोह हिंदी या अंग्रेजी में लिखा होना आवश्यक है।
- अधिकतम तीन रंगों का प्रयोग किया जा सकता है।
- डिजाइन के पीछे नाम, कक्षा तथा महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय का नाम अवश्य अंकित करें।
- डिजाइन के साथ अपने परिचय-पत्र की फोटोकापी संलग्न करना अनिवार्य है।