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तालाबंदी की, जुलूस निकाला, खिलाफत में की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Fri, 02 Sep 2016 09:18 PM IST
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रेलवे स्टेशन परिसर मे एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने जुलूस निकालकर सभा की।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न फेडरेशनों की ओर से 12 सूत्रीय मांगो को लेकर देशव्यापी हड़ताल का गोरखपुर में खासा असर रहा। सातवें वेतनमान की विसंगति समेत कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कें द्रीय कर्मचारियों ने शुक्रवार को काम-काज ठप कर विरोध दर्ज कराया। तकरीबन सभी केंद्रीय दफ्तरों में सुबह से ही ताला लगा रहा। कुछ कर्मचारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तो कुछ मोटरसाइकिल जुलूस के तौर पर सड़क पर भी निकले। एसबीआई को छोड़ सभी बैंक भी बंद रहे। सर्वाधिक दिक्कत बैंकों के ही बंद होने से हुई। पुरानी पेंशन बहाली समेत कुछ और मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया। डाकघर, एलआईसी कार्यालय पर भी ताला लटके रहे।
शुक्रवार को गोरखपुर के बैंककर्मी यूपीबीईयू के बैनर तले जुबली रोड स्थित पीएनबी बैंक पर इकट्ठे हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में विजय चौराहा, गणेश चौराहा, कचहरी चौराहा, टाउन हाल होते हुए वापस पीएनबी बैंक पर इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए मांगें जल्द पूरी करने की मांग की। प्रांतीय अध्यक्ष केके तिवारी ने बताया कि हड़ताल में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान आशुतोष सिंह, नवल किशोर, छत्रधारी, आनंद शेखर वर्मा, संदीप चौबे, मुकेश, एचपी तिवारी, सुशील त्रिपाठी, आरएम त्रिपाठी आदि शामिल थे।
गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले बीमाकर्मी भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान ओपी सिंह, रुपेश पांडेय, अजय सिंह, आशीष भूषण, ज्ञानचंद, संजय मिश्रा, महेंद्र श्रीवास्तव, उपेंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी के आह्वान पर जिले के राज्य कर्मियों ने भी देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए पीडब्ल्यूडी से रेलवे स्टेशन तक बाइक जुलूस निकाला। इसके बाद वहां रेलवे स्टेशन के प्रथम श्रेणी गेट पर आम सभा हुई, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त महामंत्री आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं महामंत्री एनई रेवले मजदूर यूनियन के एल गुप्ता तथा संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जनपद मंत्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने की। इस दौरान मुख्य रुप से राधेश्याम सिंह, डीके सिंह, अनूप कुमार श्रीवास्तव, दुर्ग विजय, नुजरत हुसैन , अरुण कुमार श्रीवास्तव, फूल चंद्र मौर्या, अरविंद सिंह, हरिमोहन श्रीवास्तव, अरुण कुमार द्विवेदी, रामचंद्र दूबे, सुभाष पाण्डेय, रीमा भारती, संजय पांडेय समेत कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों से केंद्र सरकार को पहले अवगत करवा चुके हैं, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। लिहाजा आंदोलन को बाध्य होना पड़ा है। अध्यक्षता आरएस चंद और संचालन उमाशंकर सिंह ने किया। इस मौके पर गोरखपुर जोन के अध्यक्ष जोखन सिंह यादव, मंत्री उमाशंकर सिंह, रामपाल शाही, जनार्दन सिंह, मुंशीराम चौधरी, सूर्य नारायण सिंह, दिनेश शरण पांडेय, आरके पांडेय, वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, हुसैन खान, आरएस सिंह, जगदीश सिंह आदि मौजूद थे।
सुबह सात बजे यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश मणि मिश्र और क्षेत्रीय मंत्री राजेश पांडेय के नेतृत्व में रेलवे बस स्टैंड और कचहरी बस स्टैंड पर बसों का संचालन ठप कर दिया। इस दौरान सुबह स्कूल और ऑफिस जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी। रोडवेज अधिकारी इस दौरान रोडवेज के अन्य संगठनों के साथ बसों का संचालन करवाते रहे, लेकिन बसें कम होने की वजह से यात्रियों को सीट के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ी। इससे काफी देर तक रोडवेज बस स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल रहा।
हालांकि कुछ देर के बाद स्थिति सामान्य हो गई और बसों का संचालन होने लगा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय ने बताया कि दो घंटे तक हड़ताल चली। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। उधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश राय ने बताया कि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए रोडवेज के अधिकांश कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं थे।
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शुक्रवार को गोरखपुर के बैंककर्मी यूपीबीईयू के बैनर तले जुबली रोड स्थित पीएनबी बैंक पर इकट्ठे हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में विजय चौराहा, गणेश चौराहा, कचहरी चौराहा, टाउन हाल होते हुए वापस पीएनबी बैंक पर इकट्ठा हुए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए मांगें जल्द पूरी करने की मांग की। प्रांतीय अध्यक्ष केके तिवारी ने बताया कि हड़ताल में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान आशुतोष सिंह, नवल किशोर, छत्रधारी, आनंद शेखर वर्मा, संदीप चौबे, मुकेश, एचपी तिवारी, सुशील त्रिपाठी, आरएम त्रिपाठी आदि शामिल थे।
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गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले बीमाकर्मी भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान ओपी सिंह, रुपेश पांडेय, अजय सिंह, आशीष भूषण, ज्ञानचंद, संजय मिश्रा, महेंद्र श्रीवास्तव, उपेंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी के आह्वान पर जिले के राज्य कर्मियों ने भी देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए पीडब्ल्यूडी से रेलवे स्टेशन तक बाइक जुलूस निकाला। इसके बाद वहां रेलवे स्टेशन के प्रथम श्रेणी गेट पर आम सभा हुई, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त महामंत्री आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं महामंत्री एनई रेवले मजदूर यूनियन के एल गुप्ता तथा संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जनपद मंत्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने की। इस दौरान मुख्य रुप से राधेश्याम सिंह, डीके सिंह, अनूप कुमार श्रीवास्तव, दुर्ग विजय, नुजरत हुसैन , अरुण कुमार श्रीवास्तव, फूल चंद्र मौर्या, अरविंद सिंह, हरिमोहन श्रीवास्तव, अरुण कुमार द्विवेदी, रामचंद्र दूबे, सुभाष पाण्डेय, रीमा भारती, संजय पांडेय समेत कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
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डाकघर बंद लेकिन प्रशासनिक दफ्तर खुले रहे
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से अधिकारी अलग रहे। इसके चलते डाक विभाग के डाकघरों में काम तो नहीं हुआ, मगर प्रशासनिक दफ्तर जरूर खुले रहे और विभागीय कार्य हुआ।तालाबंदी की, जुलूस निकाला, खिलाफत में की नारेबाजीअखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ (ग्रुप सी) के आह्वान पर डाक विभाग ने कर्मचारियों ने हड़ताल की। इससे डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, बीमा योजना, लेन-देन आदि काम नहीं हुए। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को हेड पोस्ट आफिस में डाक विभाग के कर्मचारी एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सरकारी कार्यों में निजीकरण, ठेका और आउटसोर्सिंग बंद करने, ग्रामीण डाक सेवकों को सिविल सर्वेंट का दर्जा प्रदान करने एवं विभागीय कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं देने की मांग की गई।वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों से केंद्र सरकार को पहले अवगत करवा चुके हैं, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। लिहाजा आंदोलन को बाध्य होना पड़ा है। अध्यक्षता आरएस चंद और संचालन उमाशंकर सिंह ने किया। इस मौके पर गोरखपुर जोन के अध्यक्ष जोखन सिंह यादव, मंत्री उमाशंकर सिंह, रामपाल शाही, जनार्दन सिंह, मुंशीराम चौधरी, सूर्य नारायण सिंह, दिनेश शरण पांडेय, आरके पांडेय, वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, हुसैन खान, आरएस सिंह, जगदीश सिंह आदि मौजूद थे।
दो घंटे ही चला रोडवेज का चक्का जाम
केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन ने शुक्रवार सुबह रेलवे बस स्टैंड और कचहरी बस स्टैंड में बसों का संचालन ठप कर दिया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, हड़ताल दो घंटे तक ही रही।सुबह सात बजे यूपी रोडवेज इम्प्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश मणि मिश्र और क्षेत्रीय मंत्री राजेश पांडेय के नेतृत्व में रेलवे बस स्टैंड और कचहरी बस स्टैंड पर बसों का संचालन ठप कर दिया। इस दौरान सुबह स्कूल और ऑफिस जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी। रोडवेज अधिकारी इस दौरान रोडवेज के अन्य संगठनों के साथ बसों का संचालन करवाते रहे, लेकिन बसें कम होने की वजह से यात्रियों को सीट के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ी। इससे काफी देर तक रोडवेज बस स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल रहा।
हालांकि कुछ देर के बाद स्थिति सामान्य हो गई और बसों का संचालन होने लगा। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय ने बताया कि दो घंटे तक हड़ताल चली। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। उधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश राय ने बताया कि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए रोडवेज के अधिकांश कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं थे।