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चार फाटक ओवरब्रिज पर बनने लगी सीढ़ी 

Wed, 08 Feb 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 08 Feb 2017 01:33 AM IST
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Staircase is keep on building on Charphatak overbtidgr
चारफाटक ओवरब्रिज पर बनाई जा रही है सीढ़ी। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
चार फाटक ओवरब्रिज के दोनों तरफ सीढ़ियां बनने का काम शुरू हो गया है। एक तरफ बेस बनाकर पिलर बनाया जा रहा है। एनईआर के जीएम ने मार्च तक दोनों तरफ सीढ़ी बनाने का निर्देश दिया है। सीढ़ी बनने पर आसपास के लोगों और दुकानदारों ने खुशी जताई है।
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वर्ष 2011 में चार फाटक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हुआ था। पुल की कुल लंबाई करीब 650 मीटर और चौड़ाई 7.30 मीटर है। रेलवे ट्रैक पर पुल बनाने की जिम्मेदारी रेल प्रशासन की थी, जबकि बाकी हिस्सा सेतु निगम को बनाना था। रेलवे ने अपने हिस्से का काम भी टेंडर के जरिये सेतु निगम को दे दिया। इस टेंडर में पुल पर फुटपाथ भी बनना था, लेकिन सीढ़ी बनवाने का जिक्र नहीं था। सेतु निगम ने टेंडर के मुताबिक काम करा दिया। आनन-फानन में ओवरब्रिज का उद्घाटन भी हो गया। मगर सीढ़ी न बनने से लोगों को परेशानियां होने लगीं। आसपास के आठ स्कूलों के बच्चों को रेलवे ट्रैक पारकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं पहले से मुख्य मार्केट होने के चलते लोगों को लंबी दूरी तयकर खरीदारी के लिए आना मजबूरी बन गई। लोगों की इन समस्याओं को अभियान के तौर पर ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के सामने भी यह मामला उठा था। इसके बाद उन्होंने महाप्रबंधक को सीढ़ी बनाने का निर्देश दिया था।  
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रेलवे ट्रैक पार नहीं करना पड़ेगा
स्कूली बच्चे रेलवे ट्रैक पारकर खतरों के बीच स्कूल जाते थे। डर लगा रहता था कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। हमारी समस्या की अधिकारी अनदेखी कर रहे थे। अखबार में छपने के बाद ही दबाव बना और कार्य शुरू हुआ है। 
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- चमन लाल गुप्ता, समाजसेवी, बिछिया कॉलोनी

अब रौनक लौटेगी 
पुल बनने के समय सीढ़ी न बनने से कारोबार काफी प्रभावित हुआ। रेलवे ट्रैक के पार रहने वाले लोग लंबी दूरी तय कर बाजार नहीं आते थे। सीढ़ी बनने से अब उम्मीद जगी है कि पहले जैसी रौनक लौटेगी।

- शशि भूषण सिंह, दवा विक्रेता

घर से बाजार की दूरी बस 200 मीटर है, लेकिन क्रॉसिंग बंद होने के बाद यह दूरी दो किलोमीटर हो गई। हम लोग जरूरी सामान खरीदने बाजार नहीं जा पाते थे। सीढ़ी बनने से अब आसानी होगी।
- संजय सिंह, बिछिया कॉलोनी
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