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सपा प्रदेश नेतृत्व तय करेगा ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2016 09:55 PM IST
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तिथि भले ही अभी घोषित न हुई हो पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने गांवों को महीनों से मथना शुरू कर दिया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। सपा को छोड़कर इस चुनाव में कोई भी पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं उतार रही है। सपा की तरफ से जिला कमेटी को पैनल बनाकर प्रत्याशियों का चयन करने के लिए कहा गया था।
जिलाध्यक्ष की तरफ से सभी आवेदकों के नामों की सूची प्रदेश कार्यालय को भेजी जा रही है। वैसे सपा का समर्थन पाने के लिए दूसरे दल के नेता भी हाथ-पांव मार रहे हैं। समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रत्याशियों के चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। उसके समक्ष प्रत्याशियों को आवेदन करना था। आवेदकों के नामों पर विचार करने के बाद कमेटी को नाम फाइनल करना था। जिन लोगों ने अपना दावा पेश किया है उनमें कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां एक ने ही केवल आवेदन किया है। जबकि कुछ ब्लॉकों में दो लोगों ने किया है, पर कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां पर चार से पांच लोगों ने दावा ठोका है।
आपसी खींचतान को देखते हुए जिला नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है कि वह सूची को अपनी तरफ से फाइनल नहीं करेंगे। दावेदारों के नाम क्रम से बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेज देंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रत्याशियों के चयन के लिए उन्हें अधिकृत जरूर किया है, पर वह किसी के नाम की घोषणा नहीं करेंगे। जो भी होगा वह प्रदेश कार्यालय से होगा।
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सपा में दावेदारों की कमी नहीं है, पर तमाम विपक्ष के नेता सपा नेताओं के वहां माथा टेक रहे हैं। एक ब्लॉक की प्रमुखी ऐसे नेता के हाथ में है जो बसपा से जुड़े हैं। वह एक जनप्रतिनिधि के भी करीबी हैं, जिनकी बसपा में खासी पकड़ है। वे जिला पंचायत अध्यक्ष के शपथग्रहण समारोह में भी पहुुंचे थे। माना जा रहा है कि अध्यक्ष के पति से मदद चाह रहे हैं। कहा जा रहा है कि उसी ब्लॉक से अपराध की दुनिया में खासा दखल रखने वाला भी ताल ठोक रहा है। उसे सपा के ही एक वरिष्ठ नेता का संरक्षण प्राप्त है।
इस नाते उसकी काट के लिए बसपा नेता सपा का दामन थामना चाह रहे हैं पर सपा के अंदरखाने में उसके विरोध की गूंज तेज है। इसी तरह से शहर से सटे एक ब्लॉक में प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने बैठक कर यह दावा किया कि यहां की प्रमुखी अबकी सपा की झोली में जाएगी। वैसे अब तक वहां पर प्रमुख भगवा ध्वज वाहक ही होता रहा है। एक और ब्लॉक जहां से दो दावेदार हैं और दोनों अपने को सपा से जुड़ा बता रहे हैं। यह स्थिति कमोवेश अधिकतर ब्लॉकों में है।
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जिलाध्यक्ष की तरफ से सभी आवेदकों के नामों की सूची प्रदेश कार्यालय को भेजी जा रही है। वैसे सपा का समर्थन पाने के लिए दूसरे दल के नेता भी हाथ-पांव मार रहे हैं। समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रत्याशियों के चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। उसके समक्ष प्रत्याशियों को आवेदन करना था। आवेदकों के नामों पर विचार करने के बाद कमेटी को नाम फाइनल करना था। जिन लोगों ने अपना दावा पेश किया है उनमें कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां एक ने ही केवल आवेदन किया है। जबकि कुछ ब्लॉकों में दो लोगों ने किया है, पर कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां पर चार से पांच लोगों ने दावा ठोका है।
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आपसी खींचतान को देखते हुए जिला नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है कि वह सूची को अपनी तरफ से फाइनल नहीं करेंगे। दावेदारों के नाम क्रम से बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेज देंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रत्याशियों के चयन के लिए उन्हें अधिकृत जरूर किया है, पर वह किसी के नाम की घोषणा नहीं करेंगे। जो भी होगा वह प्रदेश कार्यालय से होगा।
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सपा में दावेदारों की कमी नहीं है, पर तमाम विपक्ष के नेता सपा नेताओं के वहां माथा टेक रहे हैं। एक ब्लॉक की प्रमुखी ऐसे नेता के हाथ में है जो बसपा से जुड़े हैं। वह एक जनप्रतिनिधि के भी करीबी हैं, जिनकी बसपा में खासी पकड़ है। वे जिला पंचायत अध्यक्ष के शपथग्रहण समारोह में भी पहुुंचे थे। माना जा रहा है कि अध्यक्ष के पति से मदद चाह रहे हैं। कहा जा रहा है कि उसी ब्लॉक से अपराध की दुनिया में खासा दखल रखने वाला भी ताल ठोक रहा है। उसे सपा के ही एक वरिष्ठ नेता का संरक्षण प्राप्त है।
इस नाते उसकी काट के लिए बसपा नेता सपा का दामन थामना चाह रहे हैं पर सपा के अंदरखाने में उसके विरोध की गूंज तेज है। इसी तरह से शहर से सटे एक ब्लॉक में प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने बैठक कर यह दावा किया कि यहां की प्रमुखी अबकी सपा की झोली में जाएगी। वैसे अब तक वहां पर प्रमुख भगवा ध्वज वाहक ही होता रहा है। एक और ब्लॉक जहां से दो दावेदार हैं और दोनों अपने को सपा से जुड़ा बता रहे हैं। यह स्थिति कमोवेश अधिकतर ब्लॉकों में है।