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...तो बिहार और नेपाल में शरण लिए हुए हैं फरार आरोपी, खुफिया रिपोर्ट के बाद हरकत पुलिस में
Thu, 26 Dec 2019 10:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Dec 2019 10:54 AM IST
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नखास चौक की सड़कों पर उत्पात मचाने वाले हों या फिर घरों में बैठकर साजिश रचने सभी घर छोड़कर फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमों के साथ एसटीएफ, एटीएस और खुफिया एजेंसियां लगी हुई हैं।
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इस बीच खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं। इसके मुताबिक, फरार आरापी बिहार में अपने रिश्तेदारों के घर और नेपाल में शरण लिए हुए हैं। पुलिस अब इन फरार आरोपियों तक पहुंचने की तैयारी में जुटी है।
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फरार आरोपियों के बिहार में शरण लेने की वजह नागरिकता संशोधन कानून को लेकर वहां की सरकार के रुख को भी बताया जा रहा है। फरार आरोपियों में कुछ काफी समृद्ध हैं। उनके नेपाल में शरण लेने की आशंका है।
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वहां पर नए साल के जश्न की तैयारी चल रही है। ऐसे में बड़ी आसानी से वहां तक पहुंचा जा सकता है। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को पुलिस खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि आरोपी ट्रेन से बिहार तो नहीं गए। इसके अलावा, टूर एंड ट्रेवेल्स की बुकिंग का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस की नजर आरोपियों के बिहार के रिश्तेदारों पर
गोरखपुर व आसपास के रहने वाले मुस्लिम समाज के बहुतेरे लोगों की रिश्तेदारी बिहार के गोपालगंज, सिवान, छपरा, समस्तीपुर, हाजीपुर और दरभंगा में है। इन जगहों पर ट्रेन की सुविधा भी आसान हैं।
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, उपद्रवियों में से कुछ ने बिहार के अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिया है। रिश्तेदारों का नाम-पता हासिल करने के साथ ही पुलिस पहले इस बात को पुख्ता करना चाहती है कि वास्तव में वे लोग वहां पर हैं या नहीं।
इसके लिए बिहार जाने वाली ट्रेनों के रिकॉर्ड खंगालने से पहले पुलिस रेलवे स्टेशन की गेटों की ओर के होटल, दुकानों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, जिससे आरोपितों की पहचान हो सके क्योंकि पुलिस के पास ज्यादातर आरोपियों की फोटो मौजूद है।
नए साल के जश्न की आड़ में नेपाल पहुंचे आरोपी!
उधर, पुलिस को यह भी खुफिया जानकारी मिली है कि कुछ आरोपियों ने नेपाल में शरण ली है। इन दिनों वहां पर बहुत से लोग नए साल का जश्न मनाने को जाते हैं, जिस वजह से भीड़ ज्यादा होती है। साथ ही वहां पर पुलिस को जाने के लिए भी लंबी प्रक्रिया अपनानी होती है। पुलिस टूल एंड ट्रैवेल्स के दस्तावेज खंगाल रही है, जिससे फरार आरोपियों के बारे में जानकारियां मिल सके।