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बैंक रोड से गायब हुए मनी एक्सचेंजर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 17 Nov 2016 01:25 AM IST
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बैक रोड पर कटे फटे नोट बदलने वालों के स्थान पर सन्नाटा ।
- फोटो : Rajesh Kumar
बैंक रोड से गुजरते वक्त कड़क नोटों की सुंदर सजावट आपने भी देखी होगी। नजर दौड़ाते ही ‘कटे-फटे और पुराने नोट यहां बदले जाते हैं’ चमकते नोटों के पीछे का धंधा समझा जाता था। लेकिन इधर कई दिनों से शहरियों के लिए आम दृश्य रहा यह नजारा नजर नहीं आ रहा। सड़क की पटरी पर सजने वाली मनी एक्सचेंजरों की दुकानें गायब हैं, साथ ही कटे-फटे नोट बदलने की सहूलियत भी।
बदली तस्वीर पर जब आसपास के लोगों से पूछा तो पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद नजारा बदलने की बात बताईं। कभी जहां कड़क नोटों की चमक बिखेरते लाइन से सजी मनी एक्सचेंजरों की दुकानें दिखती थीं आज वहां सन्नाटा था। लोगों ने बताया कि हजार और पांच सौ के नोटों पर बैन ने मनी एक्सचेंजरों का धंधा ही चौपट कर दिया है। कैश की कमी के चलते इनकी दुकानदारी ठप हो चुकी है। बैंकों में बाध्यता और लोगों की लंबी कतार के बीच इन्हें वहां से भी काम लायक रकम नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इनकी दुकानें नहीं चल पा रही हैं। हालांकि, जिनके पास कैश बचा है वह घर पर रहकर ही परिचितों के जरिए अदलाबदली कर रहे हैं।
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बदली तस्वीर पर जब आसपास के लोगों से पूछा तो पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद नजारा बदलने की बात बताईं। कभी जहां कड़क नोटों की चमक बिखेरते लाइन से सजी मनी एक्सचेंजरों की दुकानें दिखती थीं आज वहां सन्नाटा था। लोगों ने बताया कि हजार और पांच सौ के नोटों पर बैन ने मनी एक्सचेंजरों का धंधा ही चौपट कर दिया है। कैश की कमी के चलते इनकी दुकानदारी ठप हो चुकी है। बैंकों में बाध्यता और लोगों की लंबी कतार के बीच इन्हें वहां से भी काम लायक रकम नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इनकी दुकानें नहीं चल पा रही हैं। हालांकि, जिनके पास कैश बचा है वह घर पर रहकर ही परिचितों के जरिए अदलाबदली कर रहे हैं।
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