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मेडिकल कॉलेज में बनेगा रैन बसेरा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 18 Nov 2016 01:26 AM IST
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मेडिकल कालेज
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मेडिकल कॉलेज में रात गुजारने वाले तीमारदारों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही सौ लोगों के ठहरने के लिए यहां पर रैन बसेरा बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृति देने के साथ ही तीन करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। सरोजनी छात्रावास के बगल में इसके लिए जगह चयन का कर लिया गया है। इस काम को करने की जिम्मेदारी इंडियन एयरपोर्ट अथारिटी को दी गई है। अथारिटी के जेई का कहना है कि जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
करीब 950 बेड के मेडिकल कॉलेज में 700 के करीब मरीज भर्ती रहते हैं। रोजाना ही मरीजों का यहां तांता लगा रहता है। रात गुजारने के लिए यहां पर सिर्फ एक ही रैन बसेरा है जिसमें से तीन से ज्यादा मरीज नहीं रह सकते हैं। ऐसे में मरीज वार्डों में, बरामदे में या फिर खुले आसमान के नीचे रात गुजारते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इंसेफेलाइटिस मरीज के तीमारदारों को होती है। चूंकि मरीजों के संक्रमण की डर से इस वार्ड में किसी भी तीमारदार की इंट्री नहीं होती है और यह बाहर खुले आसमान के नीचे ही रात गुजारते हैं। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से रैन बसेरा की मांग की गई थी। बीते दिनों उद्घाटन करने आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने सांसद आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे को उठाया था जिसके बाद ही काम में तेजी आई और केंद्र सरकार ने धन स्वीकृत कर दिया।
रैन बसेरा के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट मिला है। इंडियन एयरपोर्ट अथारिटी को काम करना है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके बन जाने से तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
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- प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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करीब 950 बेड के मेडिकल कॉलेज में 700 के करीब मरीज भर्ती रहते हैं। रोजाना ही मरीजों का यहां तांता लगा रहता है। रात गुजारने के लिए यहां पर सिर्फ एक ही रैन बसेरा है जिसमें से तीन से ज्यादा मरीज नहीं रह सकते हैं। ऐसे में मरीज वार्डों में, बरामदे में या फिर खुले आसमान के नीचे रात गुजारते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इंसेफेलाइटिस मरीज के तीमारदारों को होती है। चूंकि मरीजों के संक्रमण की डर से इस वार्ड में किसी भी तीमारदार की इंट्री नहीं होती है और यह बाहर खुले आसमान के नीचे ही रात गुजारते हैं। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से रैन बसेरा की मांग की गई थी। बीते दिनों उद्घाटन करने आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने सांसद आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे को उठाया था जिसके बाद ही काम में तेजी आई और केंद्र सरकार ने धन स्वीकृत कर दिया।
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रैन बसेरा के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट मिला है। इंडियन एयरपोर्ट अथारिटी को काम करना है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके बन जाने से तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
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- प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज