{"_id":"577a87844f1c1b6c107f9ece","slug":"seminar-in-mmmut","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजाइन और उत्पादन की तरक्की पर हुआ मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजाइन और उत्पादन की तरक्की पर हुआ मंथन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 04 Jul 2016 09:27 PM IST
विज्ञापन
एमएमएमयूटी में सेमिनार की शुरआत हुई।
- फोटो : amar ujala
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल विभाग में सोमवार से सात दिवसीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। ‘एडवांसमेंट इन डिजाइन एंड मेन्यूफैक्चिरिंग विषय’ पर आयोजित इस संगोष्ठी में आईआईटी और एनआईटी के अनुभवी प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया और अपने ज्ञान से उपस्थित लोगों को समृद्ध किया।
संगोष्ठी के पहले दिन के मुख्य वक्ता मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के प्रो. विनोद राव और आईआईटी बीएचयू के प्रो. एसके पांडा रहे। प्रो. यादव का संबोधन सूक्ष्म उत्पादन प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। उन्होंने विषय सूक्ष्म उत्पादन में एक्यूरेसी के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय लोग ही विदेशों में लेजर का निर्माण करते हैं, जबकि हमें करोड़ों रुपये देकर इसे खरीदना पड़ता है, जो चिंता का विषय है। प्रो. यादव ने उत्पादन में अनुभव की भूमिका और उससे जुड़े प्रावधानों को भी रेखांकित किया।
प्रो. पांडा ने मानव शरीर के विभिन्न हिस्से पर उन्नत कंपोजिट का उपयोग कर इंजीनियरिंग विश्लेषण और उसके प्रभाव पर अपना व्याख्यान दिया। व्याख्यान के विस्तार में उन्होंने कूल्हा और दंत प्रत्यारोपण को केंद्र बिंदु बनाया। इस अवसर पर प्रो. उदय शंकर, डॉ. एससी जायसवाल, स्वाती गंगवार, सुनील कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगोष्ठी के पहले दिन के मुख्य वक्ता मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के प्रो. विनोद राव और आईआईटी बीएचयू के प्रो. एसके पांडा रहे। प्रो. यादव का संबोधन सूक्ष्म उत्पादन प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। उन्होंने विषय सूक्ष्म उत्पादन में एक्यूरेसी के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय लोग ही विदेशों में लेजर का निर्माण करते हैं, जबकि हमें करोड़ों रुपये देकर इसे खरीदना पड़ता है, जो चिंता का विषय है। प्रो. यादव ने उत्पादन में अनुभव की भूमिका और उससे जुड़े प्रावधानों को भी रेखांकित किया।
विज्ञापन
प्रो. पांडा ने मानव शरीर के विभिन्न हिस्से पर उन्नत कंपोजिट का उपयोग कर इंजीनियरिंग विश्लेषण और उसके प्रभाव पर अपना व्याख्यान दिया। व्याख्यान के विस्तार में उन्होंने कूल्हा और दंत प्रत्यारोपण को केंद्र बिंदु बनाया। इस अवसर पर प्रो. उदय शंकर, डॉ. एससी जायसवाल, स्वाती गंगवार, सुनील कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन