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नाड़ियों पर नियंत्रण के लिए हुई साधना
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 10 Jul 2016 09:35 PM IST
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अंबेडकर पार्क में सहज योग एवं अमर उजाला के तत्वाधान में आयोजित शिविर में योग करते लोग।
- फोटो : shivharsh
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मानव शरीर में मौजूद नाड़ियां ही उसे नियंत्रित करती हैं। संतुलन बिगड़ते ही तरह-तरह के रोग शरीर को असंतुलित कर देते हैं। यदि नाड़ियों पर नियंत्रण पा लिया जाए तो तमाम रोगों से निजात मिलेगी ही, साथ ही नए रोग भी नहीं पनप सकेंगे। अमर उजाला और सहज योग टीम की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को शहर के अंबेडकर पार्क में आयोजित शिविर इन्हीं नाड़ियों की उपयोगिता और उन पर नियंत्रण का गुर सिखा गया।
पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक राजीव सेठ की मौजूदगी में अल सुबह आयोजित शिविर में सहजयोगी उपेंद्र सिंह ने साधकों को बताया कि इड़ा और पिंगला नाड़ी के असंतुलित होने से अनगिनत चिंताएं मनुष्य के शरीर में घर बना लेती हैं। इसकी वजह से शरीर तमाम प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाता है, लेकिन जैसे ही हम सहज योग के माध्यम से नाड़ियों पर नियंत्रण पाते हैं, सभी तनाव दूर हो जाते हैं और हमारा आध्यात्मिक उत्थान हो जाता है।
उपेंद्र सिंह ने साधकों की सहज योग से नाड़ी नियंत्रण क्रिया का न केवल अभ्यास कराया बल्कि इसके लेकर नियमित होने का संकल्प भी दिलाया। शिविर के समापन पर जिला कोआर्डिनेटर रवींद्र सिंह ने बताया कि सहज योग ईश्वर के ध्यान के साथ घटित होने वाली योग प्रक्रिया है, जो परमपुज्य निर्मला देवी की ओर से मानव के लिए एक उपहार है। शिविर में जवाहर लाल, शिवसहाय मौर्य, इंद्रलोक द्विवेदी, आरएस अग्रहरी, विजय रजक, राम विलास, एसएसपी मिश्रा, राजेश राज, राजेश सिंह, विनोद सिंह, एके सिंह, विजेता आदि मौजूद रहे।
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मन को मिली अतीव शांति
भागती दुनिया के इस दौर में सहज योग की बेहद जरूरत है, जो अमर उजाला और सहज योग की टीम के सार्थक प्रयास से संभव हो सका है। मुझे शिविर में आध्यात्मिक अनुभूति हुई है। अन्य जगहों पर भी ऐसे शिविर लगने चाहिए।
- राजीव सेठ, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, एनई रेलवे
तनाव से मुक्ति का हुआ अहसास
शिविर में हिस्सा लेने का अनुभव बेहद शानदार रहा। शिविर के दौरान तनाव मुक्ति के लिए बताए गए सूत्र और प्रक्रिया से मन को बेहद शांति मिली। शुक्रगुजार हूं अमर उजाला और सहज योग टीम का, जिसने मुझे यह अवसर प्रदान किया।
- मधुसूदन सिंह, सिद्धार्थ इन्क्लेव
सेहत के लिए सचेत कर रहा शिविर
हम भौतिकता में इतने मशगूल हो गए हैं कि शरीर में पनप रहे रोगों की ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। जब ये रोग अपना प्रभाव दिखाते हैं तो गलती का अहसास होता है। ऐसे में यह शिविर हमें पहले ही सचेत कर देने वाला साबित हुआ है।
- सुभाष चंद्र्र उपाध्याय, अश्वमेध नगर
चित्त की शुद्धि का कारगर उपाय
बदली जीवन शैली से सबसे ज्यादा प्रभावित हमारा चित्त हुआ है और यही शरीर में पनपने वाली रोगों की वजह है। सहज योग शिविर में आकर इसे शुद्ध करने के उपाय की जानकारी हुई। खुशी है सहज योग शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिला।
- कामिनी बाजपेयी, भरवलिया
एकाग्रता बढ़ाने की मिली सीख
आज के दौर में लगभग सभी लोग एकाग्रता हासिल न कर पाने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह शिविर मन को एकाग्र बनाने का गुर सिखाने वाला है। कम से कम मुझे तो इस शिविर से एकाग्रता बढ़ाने सीख मिली ही है। सराहनीय है प्रयास।
- राजकिशोरी सिंह, तारामंडल
दिनचर्या में लाऊंगी सहज योग को
अमर उजाला और सहज योग टीम ने शिविर के माध्यम से हमारी दिनचर्या में जो बदलाव लाने का प्रयास किया है, उसकी मैं भूरि-भूरि सराहना करती हूं। अब तो जीवन को सहज बनाने के लिए सहज योग को दिनचर्या मेें शामिल करना ही होगा।
- सुधा यादव, चारुचंद्रपुरी
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पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक राजीव सेठ की मौजूदगी में अल सुबह आयोजित शिविर में सहजयोगी उपेंद्र सिंह ने साधकों को बताया कि इड़ा और पिंगला नाड़ी के असंतुलित होने से अनगिनत चिंताएं मनुष्य के शरीर में घर बना लेती हैं। इसकी वजह से शरीर तमाम प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाता है, लेकिन जैसे ही हम सहज योग के माध्यम से नाड़ियों पर नियंत्रण पाते हैं, सभी तनाव दूर हो जाते हैं और हमारा आध्यात्मिक उत्थान हो जाता है।
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उपेंद्र सिंह ने साधकों की सहज योग से नाड़ी नियंत्रण क्रिया का न केवल अभ्यास कराया बल्कि इसके लेकर नियमित होने का संकल्प भी दिलाया। शिविर के समापन पर जिला कोआर्डिनेटर रवींद्र सिंह ने बताया कि सहज योग ईश्वर के ध्यान के साथ घटित होने वाली योग प्रक्रिया है, जो परमपुज्य निर्मला देवी की ओर से मानव के लिए एक उपहार है। शिविर में जवाहर लाल, शिवसहाय मौर्य, इंद्रलोक द्विवेदी, आरएस अग्रहरी, विजय रजक, राम विलास, एसएसपी मिश्रा, राजेश राज, राजेश सिंह, विनोद सिंह, एके सिंह, विजेता आदि मौजूद रहे।
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मन को मिली अतीव शांति
भागती दुनिया के इस दौर में सहज योग की बेहद जरूरत है, जो अमर उजाला और सहज योग की टीम के सार्थक प्रयास से संभव हो सका है। मुझे शिविर में आध्यात्मिक अनुभूति हुई है। अन्य जगहों पर भी ऐसे शिविर लगने चाहिए।
- राजीव सेठ, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, एनई रेलवे
तनाव से मुक्ति का हुआ अहसास
शिविर में हिस्सा लेने का अनुभव बेहद शानदार रहा। शिविर के दौरान तनाव मुक्ति के लिए बताए गए सूत्र और प्रक्रिया से मन को बेहद शांति मिली। शुक्रगुजार हूं अमर उजाला और सहज योग टीम का, जिसने मुझे यह अवसर प्रदान किया।
- मधुसूदन सिंह, सिद्धार्थ इन्क्लेव
सेहत के लिए सचेत कर रहा शिविर
हम भौतिकता में इतने मशगूल हो गए हैं कि शरीर में पनप रहे रोगों की ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। जब ये रोग अपना प्रभाव दिखाते हैं तो गलती का अहसास होता है। ऐसे में यह शिविर हमें पहले ही सचेत कर देने वाला साबित हुआ है।
- सुभाष चंद्र्र उपाध्याय, अश्वमेध नगर
चित्त की शुद्धि का कारगर उपाय
बदली जीवन शैली से सबसे ज्यादा प्रभावित हमारा चित्त हुआ है और यही शरीर में पनपने वाली रोगों की वजह है। सहज योग शिविर में आकर इसे शुद्ध करने के उपाय की जानकारी हुई। खुशी है सहज योग शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिला।
- कामिनी बाजपेयी, भरवलिया
एकाग्रता बढ़ाने की मिली सीख
आज के दौर में लगभग सभी लोग एकाग्रता हासिल न कर पाने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह शिविर मन को एकाग्र बनाने का गुर सिखाने वाला है। कम से कम मुझे तो इस शिविर से एकाग्रता बढ़ाने सीख मिली ही है। सराहनीय है प्रयास।
- राजकिशोरी सिंह, तारामंडल
दिनचर्या में लाऊंगी सहज योग को
अमर उजाला और सहज योग टीम ने शिविर के माध्यम से हमारी दिनचर्या में जो बदलाव लाने का प्रयास किया है, उसकी मैं भूरि-भूरि सराहना करती हूं। अब तो जीवन को सहज बनाने के लिए सहज योग को दिनचर्या मेें शामिल करना ही होगा।
- सुधा यादव, चारुचंद्रपुरी