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मजदूरों के बच्चों को सौ से 5 हजार रुपये स्कॉलरशिप
अमनदीप सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:44 AM IST
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प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए उन्हें स्कॉलरशिप देने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों के दो बच्चों को यह स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस योजना के तहत पहली कक्षा से मेडिकल तक के विद्यार्थियों को 100 से 5 हजार रुपये मासिक दिए जाएंगे।
इस योजना के लिए सरकार ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं, जिसके मुताबिक बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत मजदूर राज्य का मूल निवासी हो और उसके बच्चों की आयु 25 वर्ष से अधिक न हो। वह राज्य के शासकीय, अर्द्धशासकीय और देश की सीमा में स्थित किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय या संस्था से पढ़ाई कर रहा हो। विद्यालय में न्यूनतम 60 प्रतिशत की उपस्थिति होनी अनिवार्य है। संस्थान के प्रिंसिपल और सक्षम अधिकारी से प्रमाणित होने पर ही उसे स्कॉलरशिप दी जाएगी। स्कॉलरशिप की रकम हर तीन महीने पर विद्यार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। जो विद्यार्थी दस वर्ष से कम आयु के होंगे, उनके माता-पिता के बैंक खाते में रकम भेजी जाएगी। फेल होने वाले विद्यार्थी लाभ के दायरे से बाहर होंगे। शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया चालू है। इसके मद्देनजर श्रम विभाग ने काम तेज कर दिया है। ताकि कोई भी पंजीकृत मजदूर के बच्चे लाभ से वंचित न रह जाए।
कक्षा पहली से पांचवीं - 100 रुपये
कक्षा छह से आठवीं - 150 रुपये
कक्षा 9 और 10 - 200 रुपये
कक्षा 11 और 12 - 250 रुपये
केवल शासकीय संस्थानों में
आईटीआई या समकक्ष प्रशिक्षण में - 500 रुपये
पॉलिटेक्निक या समकक्ष पाठ्यक्रम में - 800 रुपये
इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में - 3000 रुपये
मेडिकल कोर्स पाठ्यक्रमों में - 5000 रुपये
ऐसे करें आवेदन
कक्षा में प्रवेश संबंधी विवरण के साथ उत्तीर्ण होने की तिथि से एक वर्ष के अंदर आवेदन किया जा सकता है। श्रम विभाग, तहसीलदार या खंड विकास अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र पर विद्यालय के प्रिंसिपल से फोटोयुक्त आवेदन प्रमाणित कराकर इसकी दो प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी, जिसकी रसीद आवेदक को प्रार्थना पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी, कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। फॉर्म भरने के बाद इसे श्रम विभाग में जमा करना होगा।
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इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए 12 हजार रुपये
इंजीनियरिंग और मेडिकल की पीजी डिग्री के लिए 8 हजार रुपये और किसी भी विषय में अनुसंधान के लिए 12 हजार रुपये प्रतिमाह देय होंगे। यहां अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी। एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस की पढ़ाई शासकीय चिकित्सा कॉलेजों से करने वालों को ही लाभ मिलेगा।
फार्म तैयार किए जा रहे
गोरखपुर में 1.25 लाख मजदूर पंजीकृत हैं। इनके बच्चों को लाभ देने के लिए फॉर्म तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें समय पर स्कॉलरशिप का लाभ मिल सके। इसलिए काम बहुत तेजी के साथ शुरू कर दिया गया है।
-सियाराम सिंह, सहायक लेबर कमिश्नर।
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इस योजना के लिए सरकार ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं, जिसके मुताबिक बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत मजदूर राज्य का मूल निवासी हो और उसके बच्चों की आयु 25 वर्ष से अधिक न हो। वह राज्य के शासकीय, अर्द्धशासकीय और देश की सीमा में स्थित किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय या संस्था से पढ़ाई कर रहा हो। विद्यालय में न्यूनतम 60 प्रतिशत की उपस्थिति होनी अनिवार्य है। संस्थान के प्रिंसिपल और सक्षम अधिकारी से प्रमाणित होने पर ही उसे स्कॉलरशिप दी जाएगी। स्कॉलरशिप की रकम हर तीन महीने पर विद्यार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। जो विद्यार्थी दस वर्ष से कम आयु के होंगे, उनके माता-पिता के बैंक खाते में रकम भेजी जाएगी। फेल होने वाले विद्यार्थी लाभ के दायरे से बाहर होंगे। शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया चालू है। इसके मद्देनजर श्रम विभाग ने काम तेज कर दिया है। ताकि कोई भी पंजीकृत मजदूर के बच्चे लाभ से वंचित न रह जाए।
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कक्षा पहली से पांचवीं - 100 रुपये
कक्षा छह से आठवीं - 150 रुपये
कक्षा 9 और 10 - 200 रुपये
कक्षा 11 और 12 - 250 रुपये
केवल शासकीय संस्थानों में
आईटीआई या समकक्ष प्रशिक्षण में - 500 रुपये
पॉलिटेक्निक या समकक्ष पाठ्यक्रम में - 800 रुपये
इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में - 3000 रुपये
मेडिकल कोर्स पाठ्यक्रमों में - 5000 रुपये
ऐसे करें आवेदन
कक्षा में प्रवेश संबंधी विवरण के साथ उत्तीर्ण होने की तिथि से एक वर्ष के अंदर आवेदन किया जा सकता है। श्रम विभाग, तहसीलदार या खंड विकास अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र पर विद्यालय के प्रिंसिपल से फोटोयुक्त आवेदन प्रमाणित कराकर इसकी दो प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी, जिसकी रसीद आवेदक को प्रार्थना पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी, कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। फॉर्म भरने के बाद इसे श्रम विभाग में जमा करना होगा।
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इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए 12 हजार रुपये
इंजीनियरिंग और मेडिकल की पीजी डिग्री के लिए 8 हजार रुपये और किसी भी विषय में अनुसंधान के लिए 12 हजार रुपये प्रतिमाह देय होंगे। यहां अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी। एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस की पढ़ाई शासकीय चिकित्सा कॉलेजों से करने वालों को ही लाभ मिलेगा।
फार्म तैयार किए जा रहे
गोरखपुर में 1.25 लाख मजदूर पंजीकृत हैं। इनके बच्चों को लाभ देने के लिए फॉर्म तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें समय पर स्कॉलरशिप का लाभ मिल सके। इसलिए काम बहुत तेजी के साथ शुरू कर दिया गया है।
-सियाराम सिंह, सहायक लेबर कमिश्नर।