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जांच की आंच में ‘अगूंठे’ की छाप
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 02 Jun 2016 07:58 PM IST
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अनियमितताओं की जांच के लिए महानिदेशालय की ओर से भेजी गई टीम के निशाने पर बृहस्पतिवार को अंगूठे की छाप वाली मशीन (थंब इंप्रेशन मशीन) रही। समय से कार्यालय में उपस्थिति को लेकर जांच अफसर सख्त नजर आए। उन्होंने पूछताछ के दौरान स्थानीय अफसरों और कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।
जांच के लिए आए आकाशवाणी रामपुर के केंद्र निदेशक सरबत उस्मानी ने जब केंद्राध्यक्ष और कार्यक्रम प्रमुख से उपस्थिति को लेकर की गई शिकायत पर पूछताछ शुरू की तो उनके होश उड़ गए। निदेशक ने जब केंद्र पर लगी थंब इंप्रेशन मशीन से उपस्थिति का प्रिंट मांगा तो सबने एक स्वर से मशीन के खराब होने की बात कह दी।
इस पर निदेशक बिफर पड़े और बोले कि कुछ लोगों के अंगूठे की छाप मशीन उठाए और कुछ की नहीं, ऐसा कैसे हो सकता है? इसे घोर लापरवाही करार देते हुए उन्होंने हिदायत दी कि थंब इंप्रेशन मशीन का नियमित तौर पर इस्तेमाल किया जाए। दरअसल इस सख्ती की वजह एक शिकायतकर्ता की वह शिकायत थी, जिसमें कार्यक्रम प्रमुख समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के केंद्र पर समय से न आने की बात कही गई थी।
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इसके अलावा जांच टीम ने केंद्र के लिए सामानों की खरीद में की गई धांधली की शिकायत की भी पड़ताल की और कई सामानों के 10 गुने रेट को लेकर आपत्ति जताई। कार्यक्रम प्रमुख द्वारा कथित फर्जी यात्रा भत्ता लिए जाने मामले में भी टीम ने जरूरी दस्तावेज जुटाए और आरोपी से पूछताछ की। तीन दिन की कड़ी जांच के बाद टीम बृहस्पतिवार की देर शाम लौट गई। बहुत जल्द जांच रिपोर्ट महानिदेशालय को सौंप दी जाएगी। टीम के रुख को देखते हुए कई अफसरों पर जांच की गाज गिरने के आसार जताए जा रहे हैं।
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जांच के लिए आए आकाशवाणी रामपुर के केंद्र निदेशक सरबत उस्मानी ने जब केंद्राध्यक्ष और कार्यक्रम प्रमुख से उपस्थिति को लेकर की गई शिकायत पर पूछताछ शुरू की तो उनके होश उड़ गए। निदेशक ने जब केंद्र पर लगी थंब इंप्रेशन मशीन से उपस्थिति का प्रिंट मांगा तो सबने एक स्वर से मशीन के खराब होने की बात कह दी।
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इस पर निदेशक बिफर पड़े और बोले कि कुछ लोगों के अंगूठे की छाप मशीन उठाए और कुछ की नहीं, ऐसा कैसे हो सकता है? इसे घोर लापरवाही करार देते हुए उन्होंने हिदायत दी कि थंब इंप्रेशन मशीन का नियमित तौर पर इस्तेमाल किया जाए। दरअसल इस सख्ती की वजह एक शिकायतकर्ता की वह शिकायत थी, जिसमें कार्यक्रम प्रमुख समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के केंद्र पर समय से न आने की बात कही गई थी।
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इसके अलावा जांच टीम ने केंद्र के लिए सामानों की खरीद में की गई धांधली की शिकायत की भी पड़ताल की और कई सामानों के 10 गुने रेट को लेकर आपत्ति जताई। कार्यक्रम प्रमुख द्वारा कथित फर्जी यात्रा भत्ता लिए जाने मामले में भी टीम ने जरूरी दस्तावेज जुटाए और आरोपी से पूछताछ की। तीन दिन की कड़ी जांच के बाद टीम बृहस्पतिवार की देर शाम लौट गई। बहुत जल्द जांच रिपोर्ट महानिदेशालय को सौंप दी जाएगी। टीम के रुख को देखते हुए कई अफसरों पर जांच की गाज गिरने के आसार जताए जा रहे हैं।