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अंतिम संस्कार का प्रसारण देख भावुक हुए भक्त
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Wed, 18 May 2016 11:28 PM IST
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बाबा हरदेव सिंह की अंतिम यात्रा
- फोटो : ani
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संत निरंकारी बाबा हरदेव के अंतिम संस्कार में बुधवार को उनके गोरखपुर के भक्त भी शामिल हुए। सीधे नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष तौर पर। दरअसल यह सौभाग्य उन्हें सीधे प्रसारण से मिल सका, जिसका इंतजाम संत निरंकारी भवन में किया गया था। सीधे प्रसारण के माध्यम से अंतिम यात्रा में भक्तों की भागीदारी तो रही ही, अंतिम संस्कार के बाद दिल्ली में हुए सत्संग का हिस्सा ये भक्त यहीं बैठे-बैठे बन सके।
केंद्र के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र मिश्र ने बताया कि सीधे प्रसारण से बाबा के अंतिम दर्शन के लिए भक्तों के आने का सिलसिला सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया। आठ बजते-बजते खासी भीड़ भवन पर इकट्ठा हो गई। नौ बजे से प्रसारण शुरू हुआ। नौ से 12 बजे तक बाबा की अंतिम यात्रा को भक्तों ने अपलक देखी। इस दौरान कई भक्त भावुक हो उठे और कई के आंखों से आंसू छलक आए। अंतिम संस्कार के बाद शाम चार बजे से दिल्ली के निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग का प्रसारण किया गया, जिसमें पूरी श्रद्धा भाव से भक्त शामिल हुए। सत्संग का क्रम रात नौ बजे तक चला।
बाबा हरदेव का निधन पिछले सप्ताह कनाडा में दुघर्टना में हो गया था। वहां से 16 मई को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया। 17 मई की देर रात तक उनका पार्थिव शरीर भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
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सीधा प्रसारण देख भक्त बोले
बाबा का संदेश रंग लाया
बाबा कहते रहे कि न कोई जाति है और न कोई धर्म। प्रेम जाति है और प्रेम ही धर्म है। दिल्ली में उनकी अंतिम यात्रा में यह साफ तौर पर देखने को मिला। सभी धर्मों के लोग यात्रा में शामिल हुए।
- संजी देवी
सतगुरु ज्ञान है शरीर नहीं
सतगुरु महज ज्ञान है। उसे शरीर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बाबा का शरीर अब भले ही हमारे बीच नहीं है लेकिन अपने ज्ञान से वे अब भी हमारे साथ हैं। उनका आशीर्वाद हमारे साथ है।
- संगीता
सीधे प्रसारण ने दिया सौभाग्य
सौभाग्यशाली हैं कि सीधे प्रसारण के माध्यम से सतगुरु बाबा हरदेव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो सके हैं। साथ ही नए सतगुरु सविन्दर कौर हरदेव जी महराज के अवतरण के स्वागत में भी भागीदार बने।
- महेंद्र अग्रहरी
लगा जैसे दिल्ली मेें बैठे हैं
बिल्कुल वही वातावरण, वही माहौल। नई सतगुरु माता सतविंदर कौर का आशीर्वाद ऐसे मिला, जैसे हमने सीधे उनसे मिलकर पाया हो। सीधा प्रसारण देखकर लगा कि जैसे हम दिल्ली के सत्संग में ही बैठे हैं।
- बजरंगी
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केंद्र के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र मिश्र ने बताया कि सीधे प्रसारण से बाबा के अंतिम दर्शन के लिए भक्तों के आने का सिलसिला सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया। आठ बजते-बजते खासी भीड़ भवन पर इकट्ठा हो गई। नौ बजे से प्रसारण शुरू हुआ। नौ से 12 बजे तक बाबा की अंतिम यात्रा को भक्तों ने अपलक देखी। इस दौरान कई भक्त भावुक हो उठे और कई के आंखों से आंसू छलक आए। अंतिम संस्कार के बाद शाम चार बजे से दिल्ली के निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग का प्रसारण किया गया, जिसमें पूरी श्रद्धा भाव से भक्त शामिल हुए। सत्संग का क्रम रात नौ बजे तक चला।
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बाबा हरदेव का निधन पिछले सप्ताह कनाडा में दुघर्टना में हो गया था। वहां से 16 मई को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया। 17 मई की देर रात तक उनका पार्थिव शरीर भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
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सीधा प्रसारण देख भक्त बोले
बाबा का संदेश रंग लाया
बाबा कहते रहे कि न कोई जाति है और न कोई धर्म। प्रेम जाति है और प्रेम ही धर्म है। दिल्ली में उनकी अंतिम यात्रा में यह साफ तौर पर देखने को मिला। सभी धर्मों के लोग यात्रा में शामिल हुए।
- संजी देवी
सतगुरु ज्ञान है शरीर नहीं
सतगुरु महज ज्ञान है। उसे शरीर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बाबा का शरीर अब भले ही हमारे बीच नहीं है लेकिन अपने ज्ञान से वे अब भी हमारे साथ हैं। उनका आशीर्वाद हमारे साथ है।
- संगीता
सीधे प्रसारण ने दिया सौभाग्य
सौभाग्यशाली हैं कि सीधे प्रसारण के माध्यम से सतगुरु बाबा हरदेव की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो सके हैं। साथ ही नए सतगुरु सविन्दर कौर हरदेव जी महराज के अवतरण के स्वागत में भी भागीदार बने।
- महेंद्र अग्रहरी
लगा जैसे दिल्ली मेें बैठे हैं
बिल्कुल वही वातावरण, वही माहौल। नई सतगुरु माता सतविंदर कौर का आशीर्वाद ऐसे मिला, जैसे हमने सीधे उनसे मिलकर पाया हो। सीधा प्रसारण देखकर लगा कि जैसे हम दिल्ली के सत्संग में ही बैठे हैं।
- बजरंगी