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गीडा की पांच फैक्ट्रियों से लिया सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 09 Feb 2017 01:12 AM IST
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फैक्ट्री से सैंपल लेने पहुंची प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम।
- फोटो : Amar Ujala
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गीडा केे उद्योगोें की जांच करने बुधवार को दूसरे दिन भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पहुंचे। गीडा के सीईओ ओएन सिंह की अगुआई में टीम ने सेक्टर 15 स्थित अंबे प्रोसेस, बथवाल, एआरपी, फेथफुल तथा अरिहंत फैक्ट्रियों से पानी का सैंपल लिया। जांच टीम के आने की सूचना पर कुछ फैक्ट्रियों ने प्लांट कुछ देर के लिए बंद भी कर दिया।
प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी आईजीएल फैक्ट्री भी गए। जांच के दौरान पाया गया कि वर्ष 2016 के बाद आईजीएल से पानी नहीं प्रवाहित हो रहा है। इस फैक्ट्री का सैंपल नहीं लिया गया। जांच टीम ने सभी फैक्ट्रियों से एकत्र किए गए सैंपल लखनऊ लैब भेज दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसबी सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को गीडा की छह फैक्ट्रियों के सैंपल की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी सिलसिले में सैंपल लिए गए हैं। जांच टीम में गीडा के महाप्रबंधक संपत्ति एके सिंह, संजय तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
मानवाधिकार आयोग में भी हुई शिकायत
मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन की वाराणसी मंडल अध्यक्ष अर्चना राज ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है कि गीडा की फैक्ट्रियों द्वारा गंदे पानी को बिना जल शोधन प्लांट लगाए आमी नदी में सीधे गिराया जा रहा है। गंदा पानी के गिरने के कारण पशु-पक्षियों के साथ ही मानव पर भी इसका असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद आयोग ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। शासन के पत्र के बाद कमिश्नर अनिल कुमार ने सीईओ गीडा ओएन सिंह की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम गठित करके 8 फरवरी तक जांच करके रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया था।
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प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी आईजीएल फैक्ट्री भी गए। जांच के दौरान पाया गया कि वर्ष 2016 के बाद आईजीएल से पानी नहीं प्रवाहित हो रहा है। इस फैक्ट्री का सैंपल नहीं लिया गया। जांच टीम ने सभी फैक्ट्रियों से एकत्र किए गए सैंपल लखनऊ लैब भेज दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसबी सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को गीडा की छह फैक्ट्रियों के सैंपल की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी सिलसिले में सैंपल लिए गए हैं। जांच टीम में गीडा के महाप्रबंधक संपत्ति एके सिंह, संजय तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
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मानवाधिकार आयोग में भी हुई शिकायत
मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन की वाराणसी मंडल अध्यक्ष अर्चना राज ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है कि गीडा की फैक्ट्रियों द्वारा गंदे पानी को बिना जल शोधन प्लांट लगाए आमी नदी में सीधे गिराया जा रहा है। गंदा पानी के गिरने के कारण पशु-पक्षियों के साथ ही मानव पर भी इसका असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद आयोग ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। शासन के पत्र के बाद कमिश्नर अनिल कुमार ने सीईओ गीडा ओएन सिंह की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम गठित करके 8 फरवरी तक जांच करके रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया था।
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