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एमएलसी चुनाव को लेकर सर्वाधिक हलचल सपा में
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:03 AM IST
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स्थानीय निकाय के खाते से एमएलएसी चुनने की तारीख साफ हो जाने के बाद इस चुनाव को लेकर हलचल बढ़ गई है। सर्वाधिक मारामारी सपा में है, जिसके पास टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। ज्यादातर का मानना है कि सूबे की सत्ता की कमान हाथ में होने के कारण सपा की उम्मीदवारी निर्धारित होते ही जीत भी तकरीबन तय हो जाएगी।
सपा की उम्मीदवारी के मुख्य दावेदारों में जहां पूर्व मंत्री मारकण्डेय चंद के बेटे सीपी चंद का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पिछले चुनाव में गणेश शंकर पाण्डेय के मुकाबले वह एमएलसी का चुनाव हार गए थे। बताते हैं कि इस दफा तैयारियों को और मजबूती दी है। पूर्व मंत्री जयप्रकाश यादव भी सपा की उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वह पिछला चुनाव पार्टी सपा के प्रति बागी तेवर से लड़े थे। कुछ दिन की दूरी के बाद सपा में उनका दखल फिर पहले जैसा हो गया। पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव भी सपा की उम्मीदवारी के अहम दावेदारों में गिने जा रहे हैं। एक और नाम रामदरश विद्यार्थी का है, जो जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं।
इसके अलावा नवीन यादव, राकेश यादव और आरिफ हासिम सहित कई और की तरफ से भी सपा की उम्मीदवारी के लिए दावा पेश किया गया है। पहले से उम्मीदवारी पेश कर चुके कई दावेदार संगठन स्तर पर साक्षात्कार से गुजर चुके हैं। इस बीच तेजी से लंबी हो रही दावेदारों की फेहरिस्त देखकर नेताओं में चुनाव जीतने से पहले उम्मीदवारी सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष शुरू हो गया है।
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सपा के जिलाध्यक्ष डा. मोहसिन खां कहते हैं कि दावेदारों की योग्यता क्षमता का प्रदेश नेतृत्व तसल्ली से मूल्यांकन करेगा। उम्मीदवार तय होने में अंतिम भूमिका प्रदेश नेतृत्व की ही है। सात फरवरी के बाद इस मामले में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
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सपा की उम्मीदवारी के मुख्य दावेदारों में जहां पूर्व मंत्री मारकण्डेय चंद के बेटे सीपी चंद का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पिछले चुनाव में गणेश शंकर पाण्डेय के मुकाबले वह एमएलसी का चुनाव हार गए थे। बताते हैं कि इस दफा तैयारियों को और मजबूती दी है। पूर्व मंत्री जयप्रकाश यादव भी सपा की उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वह पिछला चुनाव पार्टी सपा के प्रति बागी तेवर से लड़े थे। कुछ दिन की दूरी के बाद सपा में उनका दखल फिर पहले जैसा हो गया। पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव भी सपा की उम्मीदवारी के अहम दावेदारों में गिने जा रहे हैं। एक और नाम रामदरश विद्यार्थी का है, जो जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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इसके अलावा नवीन यादव, राकेश यादव और आरिफ हासिम सहित कई और की तरफ से भी सपा की उम्मीदवारी के लिए दावा पेश किया गया है। पहले से उम्मीदवारी पेश कर चुके कई दावेदार संगठन स्तर पर साक्षात्कार से गुजर चुके हैं। इस बीच तेजी से लंबी हो रही दावेदारों की फेहरिस्त देखकर नेताओं में चुनाव जीतने से पहले उम्मीदवारी सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष शुरू हो गया है।
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सपा के जिलाध्यक्ष डा. मोहसिन खां कहते हैं कि दावेदारों की योग्यता क्षमता का प्रदेश नेतृत्व तसल्ली से मूल्यांकन करेगा। उम्मीदवार तय होने में अंतिम भूमिका प्रदेश नेतृत्व की ही है। सात फरवरी के बाद इस मामले में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।