{"_id":"58f7750f4f1c1b3874473153","slug":"ruckus-in-private-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पताल में तीमारदारों का बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पताल में तीमारदारों का बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 20 Apr 2017 01:53 AM IST
विज्ञापन
मरीज से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार को इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीमारदारों ने बवाल कर दिया। उनका आरोप था कि पहले तो डॉक्टर ने इलाज में कोताही बरती और दोबारा ऑपरेशन करने के नाम पर रकम की डिमांड की। मामला बढ़ता देख किसी ने सूचना 100 नंबर पर दे दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया।
गगहा इलाके के बेलपुर निवासी जनार्दन सिंह के बेटे राहुल सिंह एक नवंबर 2016 को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इसमें उनका दाहिना पैर फैक्चर हो गया था। घरवालों ने उन्हें अग्रवाल हड्डी रोग चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। घरवालों का आरोप है कि पैर में प्लेट लगाने के लिए पहले उनसे 50 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जब मरीज डिस्चार्ज हुआ तो उनसे दवा व बेड चार्ज के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपये और लिए गए।
सुबह टहलते समय टूट गई प्लेट
राहुल ने बताया कि वह डॉक्टर की सलाह पर पैर का एक्सरे कराकर उन्हें रिपोर्ट दिखाते रहे। बुधवार सुबह वह छड़ी के सहारे घर के बाहर टहल रहे थे, अचानक पैर में लगी प्लेट टूट गई और वह जमीन पर गिर पड़े। असहनीय दर्द होने पर घरवाले उन्हें अग्रवाल हड्डी रोग चिकित्सालय लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उनकी बात सुनने के बाद उन्हें दूसरे दिन आने की सलाह दी। घरवालों के मुताबिक डॉक्टर का कहना था कि पैर की हड्डी कमजोर होने के चलते ऐसा हुआ है। इसके लिए दोबारा ऑपरेशन किया जाएगा, जिसमें और रकम लगेगी। यह बात सुनकर घरवाले आक्रोशित हो गए।
विज्ञापन
मरीज के घरवालों ने बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इलाज सही तरीके से किया गया है। इसमें कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्हें समझाया गया है।
- डॉ. आरए अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
गगहा इलाके के बेलपुर निवासी जनार्दन सिंह के बेटे राहुल सिंह एक नवंबर 2016 को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इसमें उनका दाहिना पैर फैक्चर हो गया था। घरवालों ने उन्हें अग्रवाल हड्डी रोग चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। घरवालों का आरोप है कि पैर में प्लेट लगाने के लिए पहले उनसे 50 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जब मरीज डिस्चार्ज हुआ तो उनसे दवा व बेड चार्ज के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपये और लिए गए।
विज्ञापन
सुबह टहलते समय टूट गई प्लेट
राहुल ने बताया कि वह डॉक्टर की सलाह पर पैर का एक्सरे कराकर उन्हें रिपोर्ट दिखाते रहे। बुधवार सुबह वह छड़ी के सहारे घर के बाहर टहल रहे थे, अचानक पैर में लगी प्लेट टूट गई और वह जमीन पर गिर पड़े। असहनीय दर्द होने पर घरवाले उन्हें अग्रवाल हड्डी रोग चिकित्सालय लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उनकी बात सुनने के बाद उन्हें दूसरे दिन आने की सलाह दी। घरवालों के मुताबिक डॉक्टर का कहना था कि पैर की हड्डी कमजोर होने के चलते ऐसा हुआ है। इसके लिए दोबारा ऑपरेशन किया जाएगा, जिसमें और रकम लगेगी। यह बात सुनकर घरवाले आक्रोशित हो गए।
विज्ञापन
मरीज के घरवालों ने बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इलाज सही तरीके से किया गया है। इसमें कोई लापरवाही नहीं हुई है। उन्हें समझाया गया है।
- डॉ. आरए अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ