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री-टेस्ट में आरटीओ दफ्तर फेल
अनुपम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 08 Feb 2017 01:39 AM IST
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फेल होने के बाद भी लर्निंग लाइसेंस पाने के लिए दोबारा टेस्ट देने का प्रावधान है। फिर भी स्थानीय आरटीओ दफ्तर फेल आवेदकों को दोबारा टेस्ट नहीं ले रहा है। पूछने पर साफ्टवेयर अपडेट न होने की दुश्वारी बताई जा रही है। ऐसे में भारी संख्या में भुक्तभोगी परेशान हैं और लाइसेंस की चाहत में दलालों के चक्कर में पड़ रहे हैं।
आरटीओ दफ्तर में लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट उत्तीर्ण करने का नियम है। इसमें फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने का मौका दिया जाता है। आरटीओ दफ्तर में प्रतिदिन 15 से 20 लोग टेस्ट में फेल होते हैं। 29 दिसंबर 2016 से पहले तक दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए फीस नहीं ली जाती थी। इसके बाद केंद्रीय परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा में बैठने वाले फेल आवेदकों के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित कर दिया, मगर सॉफ्टवेयर को इसके लिहाज से अपडेट ही नहीं किया गया। दोबारा टेस्ट तभी संभव है, जब विभाग 50 रुपये की रसीद काट दे, लेकिन साफ्टवेयर में शुल्क लेने की व्यवस्था न होने से विभाग शुल्क जमा ही नहीं कर पा रहा।
मैंने लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट दिया था, मगर फेल हो गई। अब दोबारा टेस्ट देना है। इसके लिए 50 रुपये जमा करने का नियम है। मगर दफ्तर के कर्मचारी यह फीस जमा ही नहीं कर रहे हैं। उनका जवाब होता है, कंप्यूटर में कॉलम नहीं बना है।
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- ज्योति, परशुराम नगर, पथरा, रानगीबाग
मैं अभी बाहर हूं। कल आता हूं, तब देखता हूं, इसमें क्या किया जा सकता है। लोगों की दिक्कतों को जरूर दूर करेंगे।
- एम. अंसारी, आरटीओ (प्रशासन)
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आरटीओ दफ्तर में लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट उत्तीर्ण करने का नियम है। इसमें फेल होने पर दोबारा टेस्ट देने का मौका दिया जाता है। आरटीओ दफ्तर में प्रतिदिन 15 से 20 लोग टेस्ट में फेल होते हैं। 29 दिसंबर 2016 से पहले तक दोबारा परीक्षा में बैठने के लिए फीस नहीं ली जाती थी। इसके बाद केंद्रीय परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा में बैठने वाले फेल आवेदकों के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित कर दिया, मगर सॉफ्टवेयर को इसके लिहाज से अपडेट ही नहीं किया गया। दोबारा टेस्ट तभी संभव है, जब विभाग 50 रुपये की रसीद काट दे, लेकिन साफ्टवेयर में शुल्क लेने की व्यवस्था न होने से विभाग शुल्क जमा ही नहीं कर पा रहा।
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मैंने लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट दिया था, मगर फेल हो गई। अब दोबारा टेस्ट देना है। इसके लिए 50 रुपये जमा करने का नियम है। मगर दफ्तर के कर्मचारी यह फीस जमा ही नहीं कर रहे हैं। उनका जवाब होता है, कंप्यूटर में कॉलम नहीं बना है।
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मैं अभी बाहर हूं। कल आता हूं, तब देखता हूं, इसमें क्या किया जा सकता है। लोगों की दिक्कतों को जरूर दूर करेंगे।
- एम. अंसारी, आरटीओ (प्रशासन)