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होम्योपैथ से इंसेफेलाइटिस रिसर्च का बढ़ेगा दायरा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:35 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में होम्योपैथी अनुसंधान केंद्र।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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मेडिकल कॉलेज में मस्तिष्क ज्वर अनुसंधान इकाई (होम्योपैथी) के दायरे को बढ़ाने का फैसला किया गया है। इंसेफेलाइटिस और अन्य वायरल रोगों में इस पद्धति के बेहतर प्रभाव को देखते हुए प्रमुख सचिव ने ओपीडी बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इसके लिए तीन डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। वहीं रिसर्च के दायरे को बढ़ाने के लिए तीन और सीनियर रिसर्चर फेलो आएंगे।
इंसेफेलाइटिस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2012 में होम्योपैथी पद्धति से रिसर्च के लिए अनुसंधान केंद्र खोला था। प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में खुले इस केंद्र का दायरा बढ़ाया गया और ओपीडी भी शुरू कर दी गई। यहां इंसेफेलाइटिस और अन्य वायरल बीमारियों की दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। प्रमुख सचिव ने प्राचार्य को पत्र जारी कर कहा है कि ओपीडी के लिए चार कमरे और दिए जाएं। मार्च तक डॉक्टरों की पोस्टिंग भी हो जाएगी, ताकि इस बीमारी पर बेहतर काम किया जा सके।
रिसर्च के काम को बढ़ाने के लिए तीन सीनियर रिसर्चर फेलो और तीन डॉक्टर मार्च तक आ जाएंगे। इंसेफेलाइटिस व अन्य बीमारियों पर कई रिसर्च किए गए हैं, जिसके बेहतर परिणाम के बाद दायरा बढ़ाने की अनुमति मिली है।
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- डॉ. एके गुप्ता, प्रभारी, अनुसंधान इकाई
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इंसेफेलाइटिस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2012 में होम्योपैथी पद्धति से रिसर्च के लिए अनुसंधान केंद्र खोला था। प्राइवेट वार्ड के एक कमरे में खुले इस केंद्र का दायरा बढ़ाया गया और ओपीडी भी शुरू कर दी गई। यहां इंसेफेलाइटिस और अन्य वायरल बीमारियों की दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। प्रमुख सचिव ने प्राचार्य को पत्र जारी कर कहा है कि ओपीडी के लिए चार कमरे और दिए जाएं। मार्च तक डॉक्टरों की पोस्टिंग भी हो जाएगी, ताकि इस बीमारी पर बेहतर काम किया जा सके।
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रिसर्च के काम को बढ़ाने के लिए तीन सीनियर रिसर्चर फेलो और तीन डॉक्टर मार्च तक आ जाएंगे। इंसेफेलाइटिस व अन्य बीमारियों पर कई रिसर्च किए गए हैं, जिसके बेहतर परिणाम के बाद दायरा बढ़ाने की अनुमति मिली है।
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- डॉ. एके गुप्ता, प्रभारी, अनुसंधान इकाई