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सांप केे डर में जी रहे रेलवे कालोनी बिछिया के लोग
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 04 Feb 2017 02:10 AM IST
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कॉलोनी में फैली गंदगी।
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रेलवे कालोनी बिछिया के लोगों की समस्याएं हैरान कर देने वाली हैं। शहर के अन्य क्षेत्रों में जहां बिजली, पानी, टूटी सड़कें, स्ट्रीट लाइट की समस्याएं है, वहीं यहां के लोगों के लिए गंदगी और घरों में सांप निकलने की घटनाएं चिंता का कारण बनी रहती है। ‘अमर उजाला’ की टीम शुक्रवार को जब कालोनी पहुंची और स्थानीय लोगों से समस्याओं के बारे में पूछा तो उनके मन का गुबार बाहर निकल आया, मालूम हुआ कि अधिकारी कालोनी में कभी आते ही नहीं।
कालोनी में रहने वाले शैलेश कुमार टीटे कुछ ऐसे घरों तक लेकर गए, जिनके दरवाजे के बाहर गंदगी के ढेर लगे थे। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से सफाई नहीं हुई है। घासफूस इतना हो गया है कि घरों में आए दिन सांप निकलते हैं, जिससे कालोनीवासी हमेशा भय में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। समीर टीटे ने बताया कि बारिश के दिनों में हालत इतनी खराब हो जाती है कि घुटने से ऊपर तक पानी भर जाता है, जिसे हटाना बहुत मुश्किल होता है। शार्ट सर्किट से लोगों के घरों में रखे उपकरण तक जल जाते हैं।
कॉलोनी में रहने वाली शारदा देवी का कहना था कि अधिकारी जब कभी कालोनी का हालचाल जानने आते हैं तो बाहर से ही निकल जाते हैं, जबकि हमें रोजाना परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। संतोष कुमार ने इमारत से सटी पानी और शौच की पाइपों से बदतर हुए हालत दिखाए और कहा कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु कोई समाधान नहीं हुआ।
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कालोनी में रहने वाले शैलेश कुमार टीटे कुछ ऐसे घरों तक लेकर गए, जिनके दरवाजे के बाहर गंदगी के ढेर लगे थे। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से सफाई नहीं हुई है। घासफूस इतना हो गया है कि घरों में आए दिन सांप निकलते हैं, जिससे कालोनीवासी हमेशा भय में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। समीर टीटे ने बताया कि बारिश के दिनों में हालत इतनी खराब हो जाती है कि घुटने से ऊपर तक पानी भर जाता है, जिसे हटाना बहुत मुश्किल होता है। शार्ट सर्किट से लोगों के घरों में रखे उपकरण तक जल जाते हैं।
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कॉलोनी में रहने वाली शारदा देवी का कहना था कि अधिकारी जब कभी कालोनी का हालचाल जानने आते हैं तो बाहर से ही निकल जाते हैं, जबकि हमें रोजाना परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। संतोष कुमार ने इमारत से सटी पानी और शौच की पाइपों से बदतर हुए हालत दिखाए और कहा कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु कोई समाधान नहीं हुआ।
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