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गुस्साएं कर्मियों ने आदेश पत्र की कापियां जलाई
gorakhpur
Updated Tue, 07 Feb 2017 02:20 AM IST
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रेलवे स्टेशन के सामने आदेश की प्रतिया जलाते एन.ई.रेलवे मजदूर यूनियन के लोग ।
- फोटो : rajesh
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आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर संपूर्ण भारतीय रेल पर काला दिवस मनाते हुए कर्मचारियों ने सोमवार को स्टोर डिपो, सिगनल, प्रेस दफ्तर पर यांत्रिक कारखाना के बाहर रेलवे आदेश की कापियां जलाई। संपूर्ण रेलवे पूर्वोत्तर रेलवे के महामंत्री केएल गुप्त के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी इकट्ठा हुए। उन्होंने हाथों में काली पट्टियां बांधकर रेलवे बोर्ड के 30 जनवरी के आदेश का विरोध किया और आदेश को निरस्त करने की मांग भी की।
फेडरेशन के सहायक महामंत्री गुप्त ने कहा कि आदेश के मुताबिक 4200 और उससे ऊपर के ग्रेडों में कार्यरत सुपरवाइजर 31 मार्च 2017 के बाद यूनियन के पदाधिकारी नहीं रह सकते है उन्होंने कहा कि रेलवे साजिशन तरीके के साथ सब यूनियनों को तोड़ना चाहता है। ऐसा करने में रेलवे ने यूनियन के पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया, जिससे रेल प्रशासन का रवैया मजदूर विरोधी और तानाशाह साबित होता है। उन्होंने कहा कि यह आदेश पूरी तरह से ट्रेड यूनियन एक्ट आईएलओ कनवेंशन 1987 में पारित प्रस्ताव राइट टू आर्गेनाइज के खिलाफ है।
इस बाबत उन्होंने आदेश पत्र के खिलाफ रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर अपना विरोध भी दर्ज करवाया है। यही नहीं, फेडरेशन के जोनल, मंडल तथा शाखाओं स्तर से आदेश को तत्काल रदद करने के बाबत रेलमंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को अपने रोष का फैक्स भी भेजा है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं की गई तो वे सीधी कार्यवाही करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर नवीन कुमार, प्रदीप दुबे, ओंकार सिंह, रविंद्र, दिलीप धर और विनोद गुप्ता आदि मौजूद थे।
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फेडरेशन के सहायक महामंत्री गुप्त ने कहा कि आदेश के मुताबिक 4200 और उससे ऊपर के ग्रेडों में कार्यरत सुपरवाइजर 31 मार्च 2017 के बाद यूनियन के पदाधिकारी नहीं रह सकते है उन्होंने कहा कि रेलवे साजिशन तरीके के साथ सब यूनियनों को तोड़ना चाहता है। ऐसा करने में रेलवे ने यूनियन के पदाधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया, जिससे रेल प्रशासन का रवैया मजदूर विरोधी और तानाशाह साबित होता है। उन्होंने कहा कि यह आदेश पूरी तरह से ट्रेड यूनियन एक्ट आईएलओ कनवेंशन 1987 में पारित प्रस्ताव राइट टू आर्गेनाइज के खिलाफ है।
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इस बाबत उन्होंने आदेश पत्र के खिलाफ रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर अपना विरोध भी दर्ज करवाया है। यही नहीं, फेडरेशन के जोनल, मंडल तथा शाखाओं स्तर से आदेश को तत्काल रदद करने के बाबत रेलमंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को अपने रोष का फैक्स भी भेजा है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं की गई तो वे सीधी कार्यवाही करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर नवीन कुमार, प्रदीप दुबे, ओंकार सिंह, रविंद्र, दिलीप धर और विनोद गुप्ता आदि मौजूद थे।
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