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प्रोजेक्ट, बजट स्वीकृत, फिर भी नहीं मिला धन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 20 Jun 2016 08:34 PM IST
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जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की प्रमुख नदियों पर बने तटबंधों की सुरक्षा तथा संवेदनशील बांधों को कटान से बचाने के लिए शासन को भेजी गई लगभग 15 परियोजनाओं को स्वीकृति भी मिल गई। इन्हें मूर्तरूप देने के लिए करीब 42 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो गए। शासन से इस मद में एक रुपये भी विभाग को आजतक प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में यदि बाढ़ आ गई तो संवेदनशील तटबंधों को बचाना मुश्किल होगा।
जिले में राप्ती, घाघरा, रोहिन व कुआनो नदी पर बने तटबंधों पर कई ऐसे स्थान हैं जो काफी संवेदनशील हैं। कई सालों से नदी में बाढ़ नहीं आने के कारण उन बांधों के रख रखाव पर विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। शासन के निर्देश पर इस साल उन स्थानों को चिन्हित कर परियोजनाएं बना कर शासन को भेजने को कहा गया था। जो बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इस तरह से तीन खंडों बाढ़ खंड 2, बाढ़ खंड व ड्रेनेज खंड की तरफ से पांच - पांच परियोजनाएं बनाकर भेजा गया। इन पर धन भी स्वीकृत हो गया। विभाग को अब तक एक रुपये का बजट नहीं मिला।
सर्वाधिक 29 करोड़ 96 लाख की परियोजना बाढ़ खंड दो में स्वीकृत हुई है। जिसमें मझवलियां के समीप तटबंध सुरक्षा के उपाय राप्ती नदी पर करने हैं। यहां पर 4.83 करोड़ खर्च होगा। कुछ इसी तरह से बैरिया-ददरी सेमरा बांध पर कटान स्थल की सुरक्षा के लिए 2.79 करोड़ , घाघरा नदी पर गोला कस्बे की सुरक्षा के लिए 5.16 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। बारानगर में घाघरा नदी पर तीरा गांव के पास बाढ़ बचाव के लिए8.56 करोड़ ,बोक्टा बरवार बांध पर बरहुआं के पास 8.42 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत है।
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अब धन मिलेगा भी तो भी बाढ़ के पहले कार्य होना संभव नहीं है। ऐसे में अब जब बाढ़ आएगी और जो निर्देश होगा वह किया जाएगा। तत्काल जो संभव होगा बचाव के उपाय किए जाएंगे।
- रामअवतार सिंह अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड 2
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जिले में राप्ती, घाघरा, रोहिन व कुआनो नदी पर बने तटबंधों पर कई ऐसे स्थान हैं जो काफी संवेदनशील हैं। कई सालों से नदी में बाढ़ नहीं आने के कारण उन बांधों के रख रखाव पर विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। शासन के निर्देश पर इस साल उन स्थानों को चिन्हित कर परियोजनाएं बना कर शासन को भेजने को कहा गया था। जो बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इस तरह से तीन खंडों बाढ़ खंड 2, बाढ़ खंड व ड्रेनेज खंड की तरफ से पांच - पांच परियोजनाएं बनाकर भेजा गया। इन पर धन भी स्वीकृत हो गया। विभाग को अब तक एक रुपये का बजट नहीं मिला।
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सर्वाधिक 29 करोड़ 96 लाख की परियोजना बाढ़ खंड दो में स्वीकृत हुई है। जिसमें मझवलियां के समीप तटबंध सुरक्षा के उपाय राप्ती नदी पर करने हैं। यहां पर 4.83 करोड़ खर्च होगा। कुछ इसी तरह से बैरिया-ददरी सेमरा बांध पर कटान स्थल की सुरक्षा के लिए 2.79 करोड़ , घाघरा नदी पर गोला कस्बे की सुरक्षा के लिए 5.16 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। बारानगर में घाघरा नदी पर तीरा गांव के पास बाढ़ बचाव के लिए8.56 करोड़ ,बोक्टा बरवार बांध पर बरहुआं के पास 8.42 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत है।
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अब धन मिलेगा भी तो भी बाढ़ के पहले कार्य होना संभव नहीं है। ऐसे में अब जब बाढ़ आएगी और जो निर्देश होगा वह किया जाएगा। तत्काल जो संभव होगा बचाव के उपाय किए जाएंगे।
- रामअवतार सिंह अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड 2