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आंधी-बारिश से कई इलाकों में पूरी रात गुल रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 25 Apr 2017 01:54 AM IST
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बक्शीपुर चौक के पास बिजली के तारों पर गिरे पेड़ को हटाते बिजलीकर्मी।
- फोटो : Amar Ujala
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आंधी और बारिश से रविवार रात शहर की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। कहीं जंफर कटा तो कहीं ट्रांसफॉर्मर फुंकने से बत्ती गुल हो गई। कई जगहों पर तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। दर्जनों मोहल्ले पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। हजारों परिवार पूरी रात बिजली का इंतजार करते रहे। रात भर बिजली गुल होने से इन मोहल्लों में सुबह पानी का भी संकट खड़ा हो गया।
बारिश थमने के बाद कई क्षेत्रों में बिजली गुल होने की जानकारी मिली तो अफसरों के निर्देश पर कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने के लिए लगाया गया। उपकेंद्रों पर रात में कर्मचारियों के उपलब्ध न होने से फाल्ट नहीं बना। नतीजतन हजारों परिवारों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ी। मच्छरों के आंतक से परेशान लोग पल-पल बिजली का इंतजार करते रहे। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। सुबह 9 बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
यहां पूरी रात गुल रही बिजली
खोराबार उपकेंद्र का आवास विकास, दिव्यनगर और नंदानगर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में फाल्ट से रात 11:30 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली गुल रही। मोहद्दीपुर उपकेंद्र के नार्थ फीडर, कूड़ाघाट फीडर पर एलटी लाइन की तार टूटने से और बिछिया फीडर क्षेत्र में जंफर कटने से पूरी रात बिजली गुल रही। रुस्तमपुर और नार्मल उपकेंद्र क्षेत्र में तीन स्थानों पर तार टूटने से रात भर बिजली कटी रही। इंडस्ट्रियल इस्टेट उपकेंद्र ग्रीन सिटी फीडर क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर जलने से रात में 12 बजे बत्ती गुल हो गई।
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76 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा
रविवार रात अचानक 76 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलनी शुरू हुई तो धूल के गुबार से शहर ढंक सा गया। कुछ देर में बारिश भी शुरू हो गई। आंधी-बारिश के चलते कई जगह पेड़ और डालियां गिरीं। बक्शीपुर सबस्टेशन के पास डाली गिरने से बिजली का तार टूट गया। इससे आपूर्ति ठप हो गई। मानीराम जमुना प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज के पास पेड़ गिरने से कई खंभे तार समेत नीचे गिर गए। मौसम विभाग ने रविवार की रात 6.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की।
आंधी के बाद पानी सप्लाई हुई ठप
रविवार देर रात आई आंधी से गोरखनाथ, महादेव झारखंडी, सूरजकुंड, फलमंडी, बेतियाहाता समेत शहर के अधिकांश इलाकों की बत्ती गुल हो गई, जिससे सोमवार सुबह पानी की सप्लाई ठप रही। इस कारण स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, ऑफिस और अन्य कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हैंडपंप से पानी निकालकर लोगों ने अपनी दिनचर्या पूरी की। कुछ लोगों ने जलकल विभाग को फोन लगाया और पानी न आने की शिकायतें दर्ज करवाईं। दोपहर बाद जाकर पानी की सप्लाई बहाल हो सकी। जलकल के शहर में 108 बड़े ट्यूबवेल और 40 छोटे ट्यूबवेल है। इनमें से अधिकांश ट्यूबबेल से पानी की सप्लाई ठप हो गई थी। कई शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार सक्रिय हुए और इलेक्ट्रिीशियन को नजदीक के ट्यूबवेल पर भेजकर बिजली के तार दुरुस्त करवाए, तब जाकर दोपहर बाद सप्लाई बहाल हुई।
पानी की सप्लाई पूरी तरह से बिजली पर निर्भर है। आंधी के बाद शहर के अधिकांश इलाकों से फोन पर पानी की सप्लाई ठप होने की सूचनाएं पहुंचीं थीं। कुछ क्षेत्रों में उन्होंने खुद जाकर समस्या का समाधान कराया। दोपहर तक सप्लाई बहाल कर दी गई।
- पीएन मिश्रा, सहायक प्रभारी अभियंता जलकल विभाग
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बारिश थमने के बाद कई क्षेत्रों में बिजली गुल होने की जानकारी मिली तो अफसरों के निर्देश पर कर्मचारियों को फाल्ट ढूंढने के लिए लगाया गया। उपकेंद्रों पर रात में कर्मचारियों के उपलब्ध न होने से फाल्ट नहीं बना। नतीजतन हजारों परिवारों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ी। मच्छरों के आंतक से परेशान लोग पल-पल बिजली का इंतजार करते रहे। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। सुबह 9 बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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यहां पूरी रात गुल रही बिजली
खोराबार उपकेंद्र का आवास विकास, दिव्यनगर और नंदानगर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में फाल्ट से रात 11:30 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली गुल रही। मोहद्दीपुर उपकेंद्र के नार्थ फीडर, कूड़ाघाट फीडर पर एलटी लाइन की तार टूटने से और बिछिया फीडर क्षेत्र में जंफर कटने से पूरी रात बिजली गुल रही। रुस्तमपुर और नार्मल उपकेंद्र क्षेत्र में तीन स्थानों पर तार टूटने से रात भर बिजली कटी रही। इंडस्ट्रियल इस्टेट उपकेंद्र ग्रीन सिटी फीडर क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर जलने से रात में 12 बजे बत्ती गुल हो गई।
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76 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा
रविवार रात अचानक 76 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलनी शुरू हुई तो धूल के गुबार से शहर ढंक सा गया। कुछ देर में बारिश भी शुरू हो गई। आंधी-बारिश के चलते कई जगह पेड़ और डालियां गिरीं। बक्शीपुर सबस्टेशन के पास डाली गिरने से बिजली का तार टूट गया। इससे आपूर्ति ठप हो गई। मानीराम जमुना प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज के पास पेड़ गिरने से कई खंभे तार समेत नीचे गिर गए। मौसम विभाग ने रविवार की रात 6.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की।
आंधी के बाद पानी सप्लाई हुई ठप
रविवार देर रात आई आंधी से गोरखनाथ, महादेव झारखंडी, सूरजकुंड, फलमंडी, बेतियाहाता समेत शहर के अधिकांश इलाकों की बत्ती गुल हो गई, जिससे सोमवार सुबह पानी की सप्लाई ठप रही। इस कारण स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, ऑफिस और अन्य कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हैंडपंप से पानी निकालकर लोगों ने अपनी दिनचर्या पूरी की। कुछ लोगों ने जलकल विभाग को फोन लगाया और पानी न आने की शिकायतें दर्ज करवाईं। दोपहर बाद जाकर पानी की सप्लाई बहाल हो सकी। जलकल के शहर में 108 बड़े ट्यूबवेल और 40 छोटे ट्यूबवेल है। इनमें से अधिकांश ट्यूबबेल से पानी की सप्लाई ठप हो गई थी। कई शिकायतें मिलने पर जिम्मेदार सक्रिय हुए और इलेक्ट्रिीशियन को नजदीक के ट्यूबवेल पर भेजकर बिजली के तार दुरुस्त करवाए, तब जाकर दोपहर बाद सप्लाई बहाल हुई।
पानी की सप्लाई पूरी तरह से बिजली पर निर्भर है। आंधी के बाद शहर के अधिकांश इलाकों से फोन पर पानी की सप्लाई ठप होने की सूचनाएं पहुंचीं थीं। कुछ क्षेत्रों में उन्होंने खुद जाकर समस्या का समाधान कराया। दोपहर तक सप्लाई बहाल कर दी गई।
- पीएन मिश्रा, सहायक प्रभारी अभियंता जलकल विभाग